Saturday, 17 October 2015

तस्लीमा नसरीन के व्यान को न तो पूरी तरह स्वीकार किया जा सकता है  !और न अस्वीकार ही किया सकता है !वह एक बहादुर महिला है !जिन्होंने इस्लामिक कटटरता के विरुद्ध जंग छेड़ी और अपने जीवन को खतरे में डाला और उनको बंगला देश  भी छोड़ना पड़ा !उनकी भारत में रहने की प्रथम इक्छा कोलकत्ता में रहने की थी !किन्तु न तो वहां की बामपंथी सरकार और न ही ममता बनर्जी की सरकार उनको बंगाल में रहने की इजाजत मुसलमानो के वोट काट जाने के कारण दे सकी !भारत का सेकुलरिज्म और हिन्दू प्रेम दोनों ही राजनैतिक अवसरवादिता से ग्रस्त है !इसलिए सभी राजनैतिक दल राजनैतिक लाभ हानि को ध्यान में रखकर ही सेक्युलर या हिन्दू प्रेम की बात करते हैं !यहां यही बहुत प्रशंसनीय है  !कि जैसा भी है !लोकतंत्र कायम है !लोकतंत्र की आत्मा राजनेताओं के सत्ता लोभ के कारण दबी हुई है !लोभी व्यक्ति कभी भी लोकतान्त्रिक नहीं हो सकता है !सत्ता समुद्र में उठती हुई तरंगो के समान होती है !कुछ तरंगे कुछ ज्यादा ऊपर उठती हैं और कुछ सतह से कुछ ही ऊपर उठ पाती  हैं !किन्तु लहर चाहे ऊँची हो या नीची हो गिरती समुद्र में ही है !कांग्रेस की लहर काफी ऊँची उठकर राजनीति के समुद्र में गिरी है !भाजपा की लहर ४७ के बाद अभी पूरी तरह उठपायी है !किन्तु यह भी एकना एक  दिन बापिस समुद्र में गिरेगी !कांग्रेस को सहज स्वाभाविक रूप से सत्ता प्राप्त हुई थी !जब तक उसमे त्यागी तपस्वी  लोग रहे सत्ता कायम रही ! किन्तु ज्यों ज्यों सत्ता को पकड़ने की कोशिश बढ़ती गयी सत्ता फिसलती गयी !और आज पूरी तरह फिसल गयी है !भाजपा कांग्रेस का नामो निशान मिटाने का प्रयत्न कर रही है !इसमें सफलता मिलेगी या नहीं ? भाजपा को संवैधानिक मर्यादा में सत्ता जाने का खतरा उठाकर भी अपना चिरपोषित राज नैतिक एजेंडा पूरा करने का प्रयत्न करना चाहिए !और संविधान की मर्यादा में पक्छपात रहित सेक्युलर सोच को क्रियान्बित करना चाहिए !पाकिस्तान की मानव अधिकारों के लिए लड़ने वाली अस्मा जहांगीर का भी यह कहना है कि भारत मुसलिम कट्टरबाद को बढ़ाबा देता है !

No comments:

Post a Comment