Saturday, 10 October 2015

देश में नरेंद्र मोदी राहुल गांधी ममता बनर्जी का मुकाबला परिश्रम करने में अन्य नेता नहीं कर सकते हैं !यद्द्पि देश में और भी बहुत से नेता हैं ! जो बहुत ईमानदार और देश भक्त हैं !किन्तु इन नेताओं में विशेष बात यह है !की ये पूर्ण ब्रह्मचारी हैं !और इनका परिवार के प्रिति कोई मोह या लगाव नहीं है !मोदीजी की भारतीय राजनीति में यह सबसे बड़ी विशेषता है !वह एक दम एकाकी जीवन जीते है !उनके सरकारी निवास में उनके परिवार के किसी भी व्यक्ति का प्रवेश नहीं है !यहाँ तक की उनकी परम पूज्यनीय  माता जी भी उनके साथ नहीं रहती हैं !वह विवाहित हैं !और उनकी पत्नी जसोदा बहन भी उनके साथ नहीं रहती हैं !इसकी बहुत आलोचना उनके विरोधी काम जनित व्याधियों और काम भोग विशेषज्ञ लोग करते हैं !किन्तु मोदी की यह शादी इनके जीवन की यह एक दुर्घटना मात्र है !ऐसा प्रतीत होता है की उनके चित्त और चरित्र में काम जनित भोगों का कोई स्थान कभी भी नहीं रहा है !इसीलिए विवाहित होने के बाद भीउनका उनकी पत्नी से कोई भी सम्बन्ध नहीं रहा !उनका आकर्षण  घर परिवार के प्रिति भी नहीं रहा !सिर्फ अपनी जन्मदात्री माँ  में रहा और आज भी है !किन्तु बे उस पूज्यभाव में भी मोह ग्रस्त नहीं दिखाई देता हैं !मोदी जी के जीवन प्रसंगो से प्रतीत होता है !कि उनका माता के प्रति भी पूज्य भाव माता से विकसित होकर राष्ट्र माता के प्रीति अर्पित हो गया !और उनके जीवन की समस्त कार्यविधोयोँ के केंद्र में प्रमुखता से राष्ट्र प्रेम समाहित हो गया !और सन्यासी बबन ने से प्रारम्भ हुई उनकी जीवन यात्रा संघ के स्वयं सेवक के रूप में ठहर गयी ! और उसी को लेकर बे अब पूरी तरह से गतिमान दिखाई देते हैं !उनकी राजनीति से क्या परिणाम आएंगे !यह भविष्य बताएगा !किन्तु उनकी राष्ट्रभक्ति और उसकेलिए समर्पित जीवन राजनेताओं अधिकारियों  कर्मचारियों और देश के सभी लोगों के लिए अनुकरणीय हो सकता है ऐसे अनेक उदाहरण देश में है! जबकि अपने लक्छ्य सिद्धि के मार्ग में उनका कोई भी रिश्ता बाधा नहीं बन सका !शंकराचार्य और महर्षि दयानंद ने अपने माता पिता कि आज्ञा पर ध्यान नहीं दिया! ओर संन्यास के पथ पर अग्रसित हो गए !भगवान बुद्ध ने विवाहित होते हुए और  एक पुत्र के पिता होने के बाद भी राज्य और पत्नी तथा पुत्र को त्याग दिया था !शिवाजी के गुरु समर्थ राम दस विवाह मंडप सेउठकर भाग गए थे !महर्षि अरविन्द ने भी पत्नी ओर  राजनीति का परित्याग कर दिया था !गांधी जी ने भी ३४ साल कि आयु में ही पत्नी के रहते हुए ब्रह्मचर्य  ब्रत धारण कर लिया था !जयप्रकाश नारायण विवाहित होने के बाद भी जीवन भर ब्रह्मचारी रहे !इस प्रकार के सैकड़ों जीवन प्रसंगो के उदाहरण हैं !किन्तु इनसे  प्रेरणा काम रोग से जनित लोग नहीं ले  सकते हैं  !राहुल गांधी भी ईमानदारी और राष्ट्र के लिए पूरी तरह समर्पित दिखाई देते हैं !उनका भी परिवार के प्रिति किसी भी प्रकार का मोह या लगाव नहीं है !बे अत्यंत सादगी पसंद अविबिवाहित प्रौढ़ता कीआयु  की ओर अग्रसर होते युवा हैं !उनका भी संपत्ति अर्जित करने के प्रति कोई आकर्षण  नहीं है !यदि बे कभी प्रधान मंत्री बने तो प्रधान मंत्री आवास उसी तरह से आबाद होगा जैसा आज है !उनका राष्ट्र प्रेम मोदी के राष्ट्र प्रेम से भिन्न है !मोदी के राष्ट्र प्रेम में वैदिक धर्म केंद्र में है !इसीलिए बो हिन्दू धर्म को आधार मानकर सर्व धर्म की बात करते हैं !जबकि राहुल गांधी के राष्ट्र प्रेम में सर्वधर्म समभाव के केंद्र में संकचित   हिन्दू धर्म नहीं है !इसी प्रकार बंगाल की मुख्य मंत्री ममता बनर्जी भी सादगी और ईमानदारी की मिशाल है !बंगाल केरल और त्रिपुरा का अधिकांश मुख्य मंत्री  ईमानदार और सादगी पसंद होते है !इसीलिए मोदी राहुल और ममता बनर्जी के मुकाबले परिश्रम करने में  राजनीति में सक्रिय अधिकांश नेता नहीं कर सकते हैं !

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