Thursday, 22 October 2015

राजनीति में अवकाशप्राप्त सैन्य अधिकारी ,न्यायाधीश  ,,  प्रसाशनिक अधिकारी फिल्मस्टार्स क्रिकेट खिलाडी आदि का प्रवेश उनकी जनता में लोकप्रियता के कारण देश में हो जाता है !इसीलिए उनको राजनीति का न तो कोई अनभव होता है !और ना जनता से जुड़कर उनकी समस्यायों का कभी अध्ययन मनन और समाधान उन्होंने किया होता है !कुर्सी  पर बैठ कर सरकारी अधिकारी या सैन्य अधिकारी के रूप में अधिकार संपन्न होकर आदेश पारित करने में और जनता के बीच रहकर जन समस्यायों को सुन समझ कर निबारण  करना  बिलकुल भिन्न बात है !फिल्म में अभिनय करना और क्रिकेट खेलने से जो लोकप्रियता प्राप्त होती है !उसमे और जनता के बीच काम करके लोकप्रियता प्राप्त करना अलग बात है !बी के सिंह भी अवकाश प्राप्त जनरल हैं !उन्हें इस बात का बिलकुल ज्ञान नहीं है !कि जनता से किस प्रकार से बात करनी चाहिए !इसलिए बो एक बाद  एक उटपटांग बेमतलब व्यान देते रहते हैं !और मोदी सरकार के लिए अनावश्यक परेशानी खड़ी कर देते हैं ! ऐसे और भी मंत्री है ! जो भड़काऊ और देश की समरसता बिगाड़ने वाले वक्तव्य देते रहते हैं !मोदी जी के पास भाजपा के टिकट पर चुनकर आये कई योग्य और लम्बे समय से  राजनीति में जनता के साथ रह कर काम करने वाले सांसद है !मोदी जी को उनको मंत्रिमंडल में शामिल कर ऐसे सभी मंत्रियों की आदर के साथ विदाई कर देनी चाहिए जो मोदी सरकार के लिए अनावश्यक समस्याएं उत्पन्न करते हैं !बी के सिंह ने जो यह वाक्य बोला है !कि अगर कोई कुत्ते कोलाठी मार दे तो सरकार की उसमे क्या जिम्मेदारी है ? ! यह व्यान अत्यंत  आपत्ति जनक और कानून के विरुद्ध है !  इस वक्तव्य के कारण उन के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण भी दायर किया जासकता है ! सन्दर्भ दलित समाज के दो मासूम बच्चों की हत्या का था !इसलिए बी के  सिंह को सिर्फ सम्बेदना के शब्द ही बोलना चाहिए थे !घटना के पीछे के कारणों ओरसत्यता का पता तो पुलिस लगाएगी ! और फैसला न्यायालय करेगा !कोई भी राजनेता इस जघन्य घटना पर बी के सिंह जैसा भड़काने वाला व्यान नहीं देता !

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