Monday, 26 October 2015

व्योहारिक ज्ञान -----(१)अत्यंत अभिमान ,अधिकबोलना ,त्याग का अभाव ,क्रोध ,अपना ही पेट पालने की चिंता ,और मित्र द्रोह ये ६  तीखी तलवारें जब इकठी हो जाती हैं ! तो मनुष्य को तनावग्रस्त कर उसके शरीर को रोग ग्रस्त कर उसके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को नष्ट करने वाली हो जाती हैं !
(२)बुजुर्गों की आज्ञा पालन करने वाला ,नीति परायण ,कुटुम्बी और आश्रित जानो के  भोजन की व्यबस्था  करके फिर स्वयं भोजन करने वाला,हिंसा रहित ,अनर्थ पूर्ण कार्यों से दूर रहने वाला, कृतज्ञ ,सत्य आचरण करने वाला और कोमल स्वभाव बाला व्यक्ति मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का सुख प्राप्त करता है!
(३)सदा प्रिय वचन बोलने वाले व्यक्ति तो सहज में ही  मिल सकते हैं ! किन्तु जो अप्रिय होता हुआ हितकारी हो ,ऐसे वचन का वक्ता और श्रोता दोनों ही दुर्लभ हैं !
(४)परिवार की रक्छा के लिए एक मनुष्य का, ग्राम की रक्छा के लिए परिवार का ,देश की रक्छा के लिए गाओं का ,और आत्मा के कल्याण के लिए सारी पृथ्वी का मानसिक त्याग कर देना चाहिए !
(५)ये आठ गुण पुरुष की शोभा बढ़ाते हैं ---- उत्तम बुद्धि ,सुसंकृत परिवार ,उत्तमग्रन्थों का ज्ञान ,इन्द्रयों पर नियंत्रण ,पराक्रम ,अधिक ना बोलना का स्वभाव ,यथा शक्ति दान ,और उपकार करने वाले के प्रीति कृतज्ञता का भाव !
(६)संतुलित आहार का सेवन करने वाले को निम्नलिखित ६ गुण प्राप्त होते हैं --- आरोग्य ,आयु ,बल और सुख तो मिलते ही हैं उसकी संतान उत्तम होती है  !तथा यह बहुत खाने वाला है ऐसा कहकर लोग उस पर आक्छेप नहीं करते हैं

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