Friday, 2 October 2015

गांधीजी रामभक्त थे ! बे बीमार  होने पर दबा भी नहीं लेते थे ! उनके जीवन पर प्राणघातक कई हमले हुए !सबसे पहला हमला पुणे में हुआ जिसमे बे बाल बाल बच गए थे !१९४८ में २० जनबरी को उनकी प्रार्थना सभा में बम विष्फोट हुआ !जिसमे बे पुनः जीवित बच गए थे !जब तत्कालीन वायसराय लार्ड माउंटबेटेन अपनी पत्नी एडविना माउंटबेटन के साथ प्रोटकोल तोड़कर गांधी जी के पास उनके बम विष्फोट में जीवित बचने पर प्रसन्नता व्यक्त करने के लिए गए ! और उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा से आप  जीवित बच गए हैं !इस से हमसबको बहुत प्रसन्नता हुई !तब गांधी जी ने कहा था कि प्रसन्नता उस दिन व्यक्त करना जिस दिन गांधी के सीने पर कोई गोली मारे और गांधी के मुँह से राम नाम निकले !इस घटना के बाद गृहमंत्री सरदार पटेल ने गांधी की सुरक्छा में सादे बेश में पुलिस लगा दी थी !जब गांधीजी को इस का पता लगा तो उन्होंने पटेल से कहा था कि स्वतंत्र भारत में क्या मेरी रक्छा पुलिस करेगी ?जब तक राम मुझ से काम लेना चाहेंगे तब तक में जीवित रहूँगा !उन्होंने सरदार पटेल को पुलिस सुरक्छा हटाने के लिए मजबूर कर दिया था !परिणामस्वरूप पटेल को पुलिस सुरक्छा हटानी पड़ी थी

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