Monday, 5 October 2015

राजनैतिक लाभ प्राप्त करने की दृष्टि से ओवेसी और आजमखान आदि कुछ मुसलिम नेता अपने को मुसलमानो का हितेषी के रूप मेंप्रचारित कर रहे हैं !किन्तु इनका वास्तविक उद्देश्य मुसलमानो का हित करना नहीं है !बल्कि राजनीति में अपना और अपने परिवारों के स्वार्थी हितों का संरक्छण करना  है !इसीलिए इन बिभाजक नेताओं के भासणो और इनके आचरणों को बहुत ध्यान पूर्वक देश की जनता को देखना समझना और जानना चाहिए !और यदि हो सके तो उनकी गतिविधियों को कानून के दायरे में  दण्डित कराना चाहिए !इन नेताओं के स्वार्थ सिद्धि में कुछ हिन्दू  नेता भी मुसलमानो के खिलाफ अनर्गल और असभ्य भाषा का प्रयोग कर रहे है !और संविधान की मर्यादाओं का उल्लंघन कर रहे हैं !और इन मुसलिम नेताओं के पक्छ में मुसलमानो को गोल बंद करने का खतरनाक अवसर प्रदान कर रहे है !संवेधानिक मर्यादाओं का पालन ना तो आजम खान और ओवेसी आदि कर रहे है !और ना ही प्राची साक्छी सिंघल स्वामी आदि तथाकथित हिन्दू नेता कर रहे हैं !कुछ लोग  भारत की वैदिक संस्कृति से अनभिज्ञ और इस्लामिक राष्ट्रों में चल रही क्रूर हिंसात्मक कार्यवाहिओं को नजअंदाज कर देश को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की मांग कर रहे हैं !इन हिन्दू नेताओं को इस बात का भी ज्ञान नहीं है !कि इस देश का नाम भारत बर्ष लाखोँ साल पहले घोषित हो चुका है !महाभारत में संजय कहता है -- कि जिसमे हम लोग निवास करते हैं ! और जहां हमारे पूर्वजों ने पुण्यकर्मों का अनुष्ठान किया है ! यह वही भारत बर्ष है ! धृतराष्ट्र अपने सचिव संजय से कहता है ! कि युद्ध में राजाओं की विशाल सेना इकट्ठी हुयी है ! उस भारत बर्ष का तुम यथार्थ रूप से बर्णन करो ! संजय भारत बर्ष के अनेक राजाओं नदियों पर्वतों जनपदों भगवान के अवतारों और इसकी महान वैदिक संस्कृति ! इसका आकार आदि बताते हुए इसमे निवास करने वाले और उनके आधिपत्य के राज्यों का बर्णन करते हुए कहता है ! यहाँ छत्रियों और वैश्यों तथा शूद्रों के आधिपत्य बाले जनपद हैं ! और कुलष्ठ हूँ पारसिक रमन चीन अभीर दरद कश्मीर खाशीर अंतचार आत्रेय भारद्वाज कलिंग किरात जातियों के जनपद तोमर हन्यमान और करभञ्जक आदि के भी जनपद हैं !भारत बर्ष का स्वरुप अनादिकाल से बहु धर्मी रहा है !ये सभी विभिन्न धर्माबलम्बी वैदिक धर्म की उदारता और श्रेष्ठता के कारण भारत में सुख पूर्वक निवास करते रहे हैं !और ज्ञान की गंगा बहाते रहे हैं !इन धर्मों ने वैदिक धर्म की श्रेष्ठता और सर्वधर्म समावेशिक स्वरुप को धारण किया !किन्तु इन बिभिन्न धर्म के मानने वालों ने कभी भी वैदिक धर्म कोनष्ट करने का प्रयत्न नहीं किया !ये सभी धर्म वैदिक संस्कृति के संरक्छण में भारत बर्ष में विकसित होते रहे !भारत की परतंत्रता ने वैदिक धर्म की धार्मिक मान्यताओं पर गहरा प्रहार किया ! जिसके कारण यहाँ धर्म परिवर्तन हुआ !भारत में अधिकाँश मुस्लमान और ईसाई मूल रूप से हिन्दू ही है !इसीलिए जो लोग हिन्दू राष्ट्र की बात कर देश में बिभाजक शक्तियों को शक्ति प्रदान कर रहे हैं !उन्हें इन अनर्गल ब्यानो से बचकर वैदिक धर्म के मूल स्वरुप को प्रितिस्थापित करने का प्रयत्न करना चाहिए ! और वैदिक धर्माबलम्बीयों को धर्म का  सही  ज्ञान कराना चाहिए !और बे अपने धर्म का स्वरुप समझ कर उसका दृढ़ता पूर्वक पालन करें ! अपने दिलदिमाग से कायरता  निकालें 1 अकारण किसी धर्म के प्रति बिद्वेष ना फैलाएं ! और राष्ट्र प्रेम में दीक्छित करें !अगर इसके विपरीत कदम उठाते हैं ! या  ये तथाकथित हिन्दू नेता व्यान बाजी करते हैं !तो ये ओवेसी और आजमखान आदि जैसे  नेताओं को विभाजक शक्ति प्रदान करेंगे !और आजमखान फिर मुसलमानो पर होने वाले झूठे और मनगढंत आरोपण को आधार बनाकर मुसलमानो का दिलजीतने के लिए मामला संयुक्त राष्ट्र संघ तक ले जाएंगे ! और बाँकी मून से मिलने का समय मांगेगे  !

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