Monday, 19 October 2015

गो बध को साम्प्रदायिक स्वरुप देकर जिस तरह देश का माहौल खराब  किया जारहा है !यह भारत के संविधान के  प्रावधानों के प्रितिकूल  है !सिर्फ गाय के तथाकथित समर्थक ही साम्प्रदायिक नहीं हैं !जो राजनेता इन लोगों को साम्प्रदायिक कह रहे हैं !बे भी एक प्रकार से सम्प्रदाय विशेष के पक्छ्धर होकर देश का माहौल बिगाड़ रहे हैं !कानून की परवाह किसीको नहीं है !सभी लोग कानून अपने हाथ में लेकर कानून और संविधान की अवहेलना और अनादर कर रहे हैं !दादरी में अखलाख की हत्या जिस प्रकार हुई थी !वह अत्यंत शर्मनाक घटना है !किन्तु हत्या किसी भी कारण से हुई हो !उसके लिए दंड का विधान भारतीय दंड कानून में है !और इसके अंतर्गत आरोपित व्यक्ति गिरफ्तार भी कर लिए गए हैं !और उनको कानून के अंतर्गत दोषी पाये जाने पर सजा भी होगी !किन्तु जिस प्रकार अखलाख के परिवार की मदद के लिए उत्तरप्रदेश की सरकार ने ४५ लाख रूपए की आर्थिक मदद ४ नॉएडा में फ्लैट और उसके परिवार केतीन लोगों को सरकारी नौकरी !आदि प्रदान किया गया है  !इनको किस दृष्टि से देखना चाहिए ?क्या इसी प्रकार की मदद दंगो में मृत और जिनकी संपत्ति का अकूत नुकसान हुआ था ! उन सहारनपुर के सिखों  को दी गयी थी ?ये विचारणीय प्रश्न है !साम्प्रदायिकता  का समाधान  सम्प्रदायकिता  से नहीं किया जासकता है !किसी भी सरकार को सरकारी धन अपनी मन मर्जी से बितरण करने का अधिकार नहीं दिया जा सकता है !साहित्यकार भी अवार्ड लौटा रहे हैं !लोग कह रहे हैं की हिंदुस्तान में निजता पर हमला हो रहा है !यह निजता संबिधान द्वारा सुरक्छित है !इसका समाधान  सुप्रीम कोर्ट से कराया जाना चाहिए !पुरुष्कार लौटा कर नहीं !सभी लोग अपनी मनमर्जी से साम्प्रदायिकता का  समाधान करने में लगे हुए हैं !और अराजकता को जन्म देने की चेस्टा कर रहे हैं !भारत लोकतांत्रिक देश है !और एक स्वतंत्र निष्पक्छ न्यायपालिका देश में कार्यरत है !और देश के सभी नागरिक संविधान को मानने के लिए बाध्य हैं !किन्तु मुस्लमान और हिन्दू इनको मानने के लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं !गाय के बध पर  प्रितिबंध लगाने की बातएक बार अलग रख दीजिये !किन्तु क्या दूसरे तमाम मसलों पर हिन्दू मुसलिम दंगे नहीं होते हैं ?इसलिए जो लोग देश में साम्प्रदायिक सद्भाव चाहते हैं !उन्हें अपने निजी स्वार्थों से उठकर इन दो धर्मों के मध्य होने वाले दंगो और विवादों के मूल कारणों को खोज कर उनका समाधान निकालना चाहिए !देश में सिया मुस्लमान भी रहते है ! ईसाई भी रहते हैं !फिर इनसे दंगे क्यों नहीं होते हैं ? हिन्दू मुसलिम दंगो पर देश के फिर से टूटने की बात लोग कहने लगते हैं !किन्तु इस पर विचार क्यों नहीं करते हैं!कि हिन्दुस्तान का विभाजन होने के बाद भी पाकिस्तान दो हिस्सों में विभाजित हो गया !और अभी और कितना बिभाजन होंगे ?इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है !इस सबके बाद भी हिन्दुओं को कट्टरपंथ नहीं अपनाना चाहिए !कट्टरपंथ हिन्दुओं का कभी स्वरुप नहीं रहा है !जिस धर्म में कट्टरपंथ प्रवेश कर गया है !उसकेभयानक परिणाम आज सारा संसार देख रहा है !

No comments:

Post a Comment