Friday, 16 October 2015

सेक्युलर कबीले के लोग ------ यह अध्यात्म से अनभिज्ञ लोगों को अजीब लगसकता है !  !कि महर्षि दयानंद रामकृष्ण परम हंस विवेकानंद रवीन्द्र नाथ टैगोर गांधी जी वनोबा भावे आदि सेक्युलर थे !यद्द्पि बाह्य दृष्टि से बे सभी धार्मिक लोग थे !किन्तु उन्होंने धर्म के द्वारा अध्यात्म ज्ञान की प्राप्ति कर ली थी !जैसा की भगवान श्रीकृष्ण ने गीता १८(२०)में कहा है ! जिस ज्ञान के द्ववारा अध्यात्मनिष्ठ व्यक्ति सम्पूर्ण भिन्न भिन्न शरीर धारी प्राणियों में एक ही अविनाशी परमात्मा की सत्ता देखता है ! वह श्रेष्ठ ज्ञान है ! १३(२८)में कहा है सब प्राणियों में सम रूप से स्थित ईश्वर को समरूप से देखने वाला मनुष्य अपने आपसे अपनी हिंसा नहीं करता है क्योँकि वह स्थाबर जंगम चर अचर आदि सम्पूर्ण प्राणियों में समानरूप से परिपूर्ण परमात्मतत्त्व के साथ अपनी अभिन्नता का अनुभव करता है ! वह अपने द्वारा अपनी हत्या नहीं करता है !क्योँकि जब एक ही परमात्मसत्ता को सभी रूपों स्वरूपों में देखेगा तो उसके द्ववारा किसी की भी हिंसा संभव नहीं हो सकती है !इसीलिए सेक्युलर वही व्यक्ति हो सकता है !जो शरीर भाव से ऊपर उठकर आत्मभाव में स्थापित हो गया हो !इस दृष्टि से भारत में कोई भी राजनेता सेक्युलर नहीं है  ! सभी का लक्छ्य  सत्ता और राजनीति में सफलता प्राप्त करने का है !इनके आचरण से यह बात सिद्ध होती है !ये बाते सर्वधर्म समभाव की करते हैं !किन्तु सत्ता प्राप्त करने के लिए बातें कुछ और कर्म कुछ और होते हैं !हिन्दू राजनेता खास तौर से वैदिक धर्म के विनाश के लिए राजनैतिक लाभ प्राप्ति करने की दृष्टि से कृत संकल्पित दिखाई देते हैं !ममता बनर्जी तस्लीमा नसरीन को बंगाल में रहने की इजाजत नहीं देती हैं !रुश्दी को जयपुर के साहित्य सम्मलेन में मुसलमानो के विरोध के कारण शामिल नहीं होने दिया जाता है !तस्लीमा नसरीन और रुसदी की पुस्तकें बेन कर दी जाती हैं !बटाला कांड के आरोपी और दिल्ली ब्लास्ट के अभियुक्त शहजाद के घर पर परिजनों को सांत्वना देने इमाम बोखारी जाते हैं और केंद्र सरकार को कातिल कहता हैं ! तत्कालीन गृह मंत्री चिदमबरम और बंगाल के उस समय के मुख्य  मंत्री बुध देव के पुतले जलाते हैं !जो राजनेता वास्तव में सेक्युलर हैं ! उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया जाता है ! रामजन्म भूमि पर हाई कोर्ट के फैसले के बाद राज्य सभा सदस्य राशिद अल्वी ने एक लेख लिखा था ! मस्जिद की जिद छोड़ें मुसलमान उस लेख में अल्वी ने लिखा था ! इस देश को सेक्युलर बनाने का श्रेय हिन्दुओं को है मुसलमानो को नहीं ! १४ अगस्त को बटवारे के बाद पाकिस्तान ने अपने आपको इस्लामिक राष्ट्र घोषित कर दिया था ! जबकि हिन्दुस्तान ने इस राष्ट्र को सेक्युलर माना ! मौलाना बहीउद्दीन ने कहा विवाद पर  अब पूर्ण विराम लगा दें  !फैसले से यह साबित हो गया कि भारत सही मायने में सेक्युलर देश है ! आरिफ मुहम्मद खान ने कहा देश की परम्परा पुष्ट हुई ! अदालत का यह फैसला अनोखा और स्वर्ग से गंगा उतारने जैसा है ! यह दौर मजहबी उन्माद पैदा करने का नहीं है ! इसके बजाय हमें देश के उन ४०%गरीबों की चिंता करनी चाहिए जिन्हे दो बख्त की रोटी नसीब नहीं है !किन्तु इस प्रकार केसेक्युलर सोच के लोगों की आबाज नक्कार खाने में तूती की अबाज की तरह है !देश में सर्व धर्म समभाव जभी रह सकता है !जब सभी धर्म एक दूसरे की उन्नति में सहभागी हों !किन्तु वैदिक धर्मब्लाम्बियों का धर्म परिवर्तन होता  रहे !और वैदिक धर्म के सनातन आस्था के आधार गाय का बध जारी रहे !गीता को विद्यालयों में इसलिए न पढ़ाया जाय की वह हिन्दुओं का धर्म ग्रन्थ है !तो वैदिकधर्म की जानकारी के अभाव और धर्म परिवर्तन के कारण और गाय के मास भक्छण के कारण जब वैदिक धर्म का ही नाश हो जाएगा फिर सर्व धर्म समभाव कैसे और कहाँ से सिद्ध होगा ? नरोत्तम स्वामी अधिवक्ता सिविल लाइन्स झाँसी

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