Monday, 5 October 2015

अखलाख की मृत्यु  पर सियासत हो रही है !इस से इंकार नहीं किया जा सकता है !किन्तु इस सियासत में भी मनुष्योँ के अतिरिक्त पृथ्वी पर अन्य जीव जंतुओं को हेय और बध के काबिल समझा जा रहा है ! !भारत में अनेक राजा ऐसे हुए हैं ! जिनके शासन काल में जीव हत्या पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रही है !क्या अन्य जीव जंतुओं को इस पृथ्वी पर सुरक्छित जीवन जीने का अधिकार नहीं है !? भारत भूमि पर दीर्घ  काल के अनुभव के आधार पर गाय की श्रेष्टता  स्वीकार की गयी थी  !गाय से प्राप्त होने वाले घी दूध आदि की उत्तमता भी सिद्धि की गयी थी !गाय के गोबर और मूत्र में औषधीय गुण और उस से निर्मित खाद से से भूमि की उर्बरा शक्ति भी बढ़ती है !इस बात की सिद्धि भी भूतकाल में हो चुकी थी !इसीलिए गाय के माँश के स्थान पर उसके इन महत्त्व पूर्ण लाभों को दृष्टिगत रख पशु  होते हुए भी उसे लोकमाता की उपाधि से बिभूषित किया गया था !एक गाय जीवन के १५ बरषों तक एक परिवार का पोषण करतीहै !जबकि उसका गोश्त सिर्फ एक दिन ही १०० या  पचीस पचास  लोगों का पेटभरता है !इसीलिए अखलाख की जो मौत हुई है !उसके लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्यबाही हो रही है !और उनको दंड भी न्याय व्यबस्था के अनुसार प्राप्त होगा !किन्तु जिस तरह से अख्लाख़ की मृत्यु को राजनेताओं ने सियासत का मुद्दा राजनैतिक लाभ के लिए बनाया है !वह अत्यंत दुर्भाग्य पूर्ण है !जहाँ भाजपा  नेता प्रदेश के मुख्य मंत्री द्वारा अखिलाख के परिवार को नगद ४५ लाख की धन राशि प्रदान कर रहे हैं और अखिलाख के परिवार के सदस्य को शासकीय नौकरी और इलाज आदि की सुबिधा प्रदान कर रहे हैं !वह भविष्य में किसी भी प्रकार के होने वाले हादसों में अखलाख के प्रति दरिया दिली  का उदहारण प्रस्तुत कर इसी प्रकार की मुआबजा राशि मांगने का मार्ग प्रसश्त कर रहे हैं !दूसरी ओर भाजपा नेता राग अलाप रहे हैं !कि मुख्य मंत्री गाय के हत्यारे को सम्मानित करते हैं !किन्तु जब कोई हिन्दू हादसे का शिकार होता है !तो उसे मुआब्जे में २०००0 भी नहीं दिए जाते हैं ?

No comments:

Post a Comment