मोदी जी का विदेशों में विशेष तौर पर अमेरिका में बहुत अधिक स्वागत हो रहा है !कुछ मोदीजी के आलोचक इस स्वागत पर प्रश्न चिन्ह खड़े कर कहते हैं !कि अमेरिका में गुजराती धनाढ्य समाज उनके स्वागत आदि का व्यय भार बहन करता है !और संघ के कार्यकर्ता उसका व्यबस्थित ढंग से प्रचार कर मोदीजी के व्यक्तित्त्व को उभारते हैं !और भारतीय मीडिया इसको प्रमुखता से प्रकाशित करता है !जबकि अमेरिकी समाचार पत्र या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया मोदीजी को इतनी प्रधानता प्रदान नहीं करता है !इसमें कितना सत्य है? और कितना असत्य है? !इसका आकलन कर पाना सामान्य मनुष्यों के बस की बात नहीं है !किन्तु एक बात जो स्पष्ट दिखाई दे रही है !कि आजादी के बाद जितनी भी सरकारें देश में आई है !मोदीजी की सरकार के पूर्व किसी भी सरकार से अमेरिका के इतने प्रगाढ़ सम्बन्ध कायम नहीं हुए हैं !और ना ही किसी भारतीय प्रधान मंत्री ने इतना महत्त्व देशी विदेशी पूंजीपतियों और उद्द्योग पतियों को दिया है !मोदी जी देश की अर्थव्यबस्था में आमूल चूल परिवतर्न कर देश को आर्थिक तंगी और आम आदमी को गरीबी से मुक्क्त करना चाहते हैं !मोदी जीने इसकेलिए जो विकास का मॉडल और एजेंडा निश्चित और अपनी सरकार के लिए निर्धारित किया है !वह अब तक के सभी विकास के मॉडलों से उलट है !मोदीजी को कई छेत्रों में व्यापक सुधार और परिवर्तन करना है !तथा विश्व की समस्त सरकारों से मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध भी स्थापित करना है !देश में साम्प्रदायिक सद्भाव भी कायम करना है !देश में उद्योग के लिए अच्छा और रचनात्मक सिस्टम का जन्म हो !भ्रष्टाचार और अधिकारीयों की लेट लतीफी के कारण विकास की गति वाधित ना हो !इसके लिए राजनीति से लेकर प्रसाशन आदि को भी भ्रष्टाचार मुक्त करना है !विदेशों में भारत की प्रतिष्ठा बड़ी है ! इसका प्रभाव अगर भारत की अर्थ व्यबस्था पर पड़े ! और समाज को उसका लाभ प्राप्त हो ! तभी विदेशों में भारत की बड़ी हुई प्रतिष्ठा की सार्थकता सिद्ध हो सकती है !मोदी जी को अभी बहुत लम्बी और खतरे भरी यात्रा तै करनी है !अगर बो अपने ध्येय में सफलता प्राप्त करते है !तो राष्ट्र पुरुष कहलायेंगे और अगर विफल होते हैं !तो क्या कहकायेंगे बताना मुश्किल है ?
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