हो सकता है जिस जगह का नाम आज पिंजौर है !उसका नांम महाभारत काल में विराट नगर रहा हो !और राजा विराट की राजधानी रही हो !क्योँकि शर्त के अनुसार पांडवों को १२ वर्ष बन में और अंतिम १३ बा साल अज्ञात वास में बिताना था !और महाभारत में वर्णन के अनुसार पांडवों ने अज्ञात वास विराट नगर में छिपे वेश में अपने नाम बदल कर बिताया था !युधिस्ठर ने अपना नाम कंक रखा था और बे विराट के साथ शतरंज खेलते थे !भीम रसोई बनाने का काम करते थे और उनका नाम बल्लव था !अर्जुन विराट की पुत्री को संगीत गायन बादन सिखाते थे !और उनका नाम ब्रह्नल्ला था !उन्होंने अपना स्त्रीवेश बना लिया था और बे किन्नर की भूमिका में थे !सहदेव बिराट के घोड़ों की देख भाल करते थे उनका नाम तंति पाल था !और नकुल गायों की सेवा करते थे और उनका नाम ग्रन्थक था !द्रौपदी सेरिंधरी बन गयी थी और वह विराट की महारानी सुदेष्णा की केश सज्जा का काम करती थी !इस अज्ञातवास को सफलता पूर्वक बिताने के बाद ही पांडवों को राज्य प्राप्ति हो सकती थी !इस सफल अज्ञातवास के बाद भी दुर्योधन ने पांडवों का राज्य उनको बापिस नहीं किया था !पांडव सिर्फ ५ गाँव पाकर भी संतुष्ट होने के लिए तैयार हो गए थे !भगवान श्री कृष्णा के शांति प्रस्ताव को भी दुर्योधन ने यह कहकर अस्वीकृत कर दिया था !कि वह पांडवों को बिना युद्ध के उतनी भी भूमि नहीं देगा जितनी सुई की नौक पर आ सकती है! !इसिलए महाभारत का अति भयानक युद्ध हुआ था !जिसमे दोनों पक्छों की १८ अक्छोहनी सेनाओ का नाश हुआ था !और महाभारत युद्ध के बाद पांडव पक्छ के सात और कौरव पक्छ के मात्र तीन व्यक्तिही जीवित बचे थे !
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