Saturday, 26 September 2015

आर के सिंह जी आप अवकाश प्राप्त गृह सचिव हैं !गृह सचिव होने के बाद भी आपको राजनैतिक दलों और राजनेताओं की कर्मकुंडली का ज्ञान नहीं हो पाया !भारत की राजनीति सिद्धांतों पर आधारित राजनीति नहीं है !इसीलिए यह भ्रम पाल लेना कि कोई राजनेता या राजनैतिक दल नैतिकता के आधार पर निर्णय लेगा यह अँधेरे कुँए में प्रकाश तलाशने की तलाश जैसा है !इस स्वार्थनिष्ठ राजनीति के बदलाव में अभी समय लगेगा !यह समय सर्वत्र स्वार्थनिष्ठ व्यक्तियों के मध्य विवेक और धैर्यपूर्वक स्वार्थ रहित देश निष्ठ और सेवा तथा लोकसेवा के लिए स्वभावगत लोकसेवकों को काम करने का है ! कोई भी व्यक्ति किसी राजनैतिक दल के सहयोग से किसी निर्वाचित पद पर पहुंचने   की आकांछा करेगा !तो उसे उस दल के के आतंरिक कुरूप को शांतिपूर्वक स्वीकार करना पड़ेगा ! और सिद्धांत की बातें कहकर स्वार्थों की पूर्ति के लिए संकल्पित होना पड़ेगा इसलिए इस बार अप्प सांसद निर्वाचित हो गए हैं !अगली बार तो आप संसद भी निर्बाचित नहीं हो पाएंगे ! अगर आप इस तरह के वक्तव्य देंगे तो फिर तो आपको भाजपा का टिकट भी नहीं मिलेगा !इसलिए आप सांसद की तरह अपने संसदीय छेत्र का  विकास  करें !

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