Thursday, 3 September 2015

जफरयाब जिलानी हों या तोगड़िया ये दोनों ही मुसलमान और हिन्दुओं के सर्वमान्य नेता नहीं है  !कानून बनाने का काम संसद और विधान सभाओं का है !ये काम स्वयंभू  मुसलिम हिंदू संगठनो का नहीं है !भारत धार्मिक देश है !इसीलिए धार्मिक स्वतंत्रता इस देश में मुसलिम देशों से अधिक है !हिन्दू धर्म की बुनियाद ही सर्व धर्म समभाव की है !इसमें भगवान की साधनाएं अनेक प्रकार से स्वीकृत हैं !हिन्दू धर्म भगवान की अनंत सामर्थ्य और स्वरुप को स्वीकार और अंगीकार  करता है !इसलिए ईश्वर के सगुण साकार सगुण निराकार निर्गुण निराकार और सगुण निराकार की साधनाएं वैदिक धर्म स्वविकृत करता है !नास्तिक  मत को स्वीकार करने वाले हिन्दू धर्म से बहिष्कृत नहीं किये जाते हैं !किन्तु इस्लाम धर्म में इस प्रकार की धार्मिक आजादी नहीं है !यह अरब भूमि से आयातित धर्म है !हिन्दुस्तान में भी इस धर्म को पूरी आजादी और सुरक्छा प्राप्त है !किन्तु मुसलिम धर्म को बैधानिक कानूनो से ऊपर मानते हैं !और विधान का पालन धार्मिक मामलों में अस्वीकार करते हैं !इसीलिए इस्लाम सभी गैर इस्लामिक मुल्कों में और मुसलिम राष्ट्रों में भी आतंक का पर्याय बन गया है !

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