Wednesday, 9 September 2015

भारतीय  मुसमान विद्वानो ने काफी बिलम्ब के बाद इस्लामिक संगठन के विरुद्ध फतवा जारी किया है !फिर भी देर आयद दुरुस्त आयद !एक बात जो फतवे में कही गयी है ! कि इस्लाम  हिंसा से परहेज करता है  किन्तु इस्लामिक संगठन हिंसा को फैला रहा है !यदि परहेज के बजाय यह फतवा दिया जाता कि इस्लाम हिंसा का निषेध करता है !तो यह ज्यादा कारगर सिद्ध  होता है !क्योँकि विश्व में बोकोहराम जैसे कई खून बहाने वाले इस्लामिक संगठन है ! जो धर्म के नाम पर क़त्ल कर रहे हैं !जिस से इस्लाम अमन और शांति पसंद मजहब है !इस पर काला दाग लगरहा है !और हिन्दुस्तान के भी मुसलिम युवा इन इस्लामिक संगठन जैसे हिंसा करने वाले संगठनो में शामिल हो जाते है !भारत के बहु धर्म वाले देश को शान्ति और सद्भाव आपस में कायम करने के लिए !और अमनचैन सभी नागरिकों में कायम रहे !तथा हम सभी भारत बासी स्थायी शान्ति प्राप्त कर सकें !इसीलिए सभी धर्म गुरुओं को यह सामूहिक घोषणा करना चाहिए कि बे किसी भी परिश्थित में चाहे उनके धर्म के बारे में कितनी भी आपत्ति जनक टिप्पड़ी  की जाय !कानून नहीं तोड़ेंगे !दंगा फसाद नहीं करेंगे !दुकानो और कारों मोटर साइक्लोन  में आग नहीं लगाएंगे  ! और हत्याएं नहीं करँगे !यदि इस प्रकार की अपमानजनक टिप्पड़ी किसी भी धर्म के खिलाफ की जाती है !तो बो टिप्पड़ी कर साम्प्रदायिक सौहाद्र बिगाड़ने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्यबाही अमल में लाएंगे !और खुद कानून अपने हाथ में नहीं लेंगे !भारत को यदि बास्तव में सर्वधर्म समभाव बाला देश बनना है !तो इसे धर्म को पूरी तरह से हिंसा मुक्त करना होगा !चूँकि इस्लामिक विद्वानो ने यह पहल की है !इसीलिए उन्ही को हिंसा मुक्त इस्लाम धर्म के लिए फतवा जारी करना चाहिए

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