Monday, 7 September 2015

देश के सभी दलों के राजनेता अब राजनीति से लाभ प्राप्त करने वाले नेता होगये हैं !जो राजनीति के रथ में सवार होकर प्रधानमंत्री पद से लेकर ग्राम सभा तक के प्रधान चुने जाते हैं !उनपर महगाई या आरक्छन आदि का प्रभाव नहीं पड़ता है !और जो राजनीति के इन पदों से बंचित रह जाते हैं !बे बहुत से व्यापारिक, जातीय, और कर्मचारियोँ आदि के संगठन बनाकर अपनी सत्ता प्राप्ति की पिपासा पूरी करते हैं !और साथ में नैतिक अनैतिक साधनो से इतना धन संचय कर लेते हैं ! और सामाजिक प्रभाव में बृद्धि कर लेते हैं कि उन पर जिन कठिनायायिओं को समाज का सामान्य वर्ग इन अन्याय पूर्ण व्यबस्थाओं को झेल रहा है !उसका  ना तो दर्द होता है और न अनुभव ही !युवाओं द्वारा अन्याय का पोषक और वर्द्धक इस जाति और धर्म आधारित आरक्छण को न्यायाय युक्त बनाने का कार्य देश के युवा ही करेंगे !और जातिय आरक्छण से आरक्छति जातियोँ का खून चूसने वाले इन चंद लोगों और जातियोँ को यही लोग जनता के सामने लाएंगे !और आरक्छण को न्याय युक्त बनाएंगे

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