Friday, 11 September 2015

गाय के बध को जम्मुकश्मीर उच्चन्यायालय ने प्रतिबंधित कर दिया है !जिसका तीब्र विरोध मुसलिम समाज द्वारा किया जारहा है !बहुत से मुस्लमान दूकानदार जो पचासों साल से गाय का मांश बेच कर अपना और अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे !उनका कहना है की गाय के बध को प्रतिबंधित करने से हम भूंखो मर जाएंगे !मुसलिम धार्मिक नेताओं का कहना है !की हमारे धर्म में गाय का गोश्त खाना हलाल है !इसीलिए हम पीढ़ियों से गाय का गोश्त खाते चले आ रहे हैं !शादियों में भी गाय का गोश्त खाया जाता है !क्योँकि यह सस्ता होता है !अगर  ये मुसलमान अपने इतिहास को देखें और जाने समझें की येमुसलमान होने के पहले कौन से धर्म से सम्बंधित थे ?और इनको मुसलमान बने कितना समय हुआ है ?और मुसलमान बनने के पहले जिस धर्म को लाखोँ बर्षोँ से इनके पूर्बज मानते रहे !बे गाय का मांश खाते थे ?या गाय का दूध घी खाते थे ?और जिन लोगों ने अपना धर्म नहीं बदला है  !   बे क्या आज भी गाय का गोश्त खा रहे हैं? !या गाय का घी दूध खाते हैं ?अगर बे गाय का घी दूध खाते है !तो इन हिन्दू से धर्मपरिवर्तन कर  मुसलमान बने लोगों को भी गाय के गोश्त को खाने के बजाय अपने पूर्बजों की तरह गाय का घी दूध खाना शुरू कर देना चाहिए !और जो दुकानदार गाय का गोश्त बेचते थे !उन्हें भी गाय का घी दूध बेचना शुरू कर देना चाहिए !जब ये मुसलमान हिन्दू थे ! तब गाय को मारने के योग्य नहीं मानते थे ! और ना उसका गोश्त खाते थे अब ये मुसलमान हो गए हैं !तो गाय को काटना और खाना धर्म मान ने लगे हैं !गाय क्या गोश्त खाती है ?गाय घास और भूसा  खाती है !तो घास खाने वाली गाय का गोश्त इन मुसलमानो को क्यों खाना चाहिए ?ये लोग मांश खाने वाले शेर और अन्य मशाहारी जानबरों  का माष क्यों नहीं खाते है ?घास खाने वाली गाय का उपयोग इनको दूध घी मक्खन पनीर रबड़ी मलाई कलाकंद पेड़ा आदि के लिए करना चाहिए  !और मांश खाने वाले शेर आदि कामांश खाना चाहिए !अल्लाह करीम है ! रहीम है! और इन्साफ करने वाला है ! तो इन गायों के लिए भी तो अल्लाह रहीम और करीमहै ! तथा इनके साथ भी इन्साफ करने वाला है अब अल्लाह ने अपनी दया प्रेम और करुणा तथा रहमत की नजर सीधी साधी घास और हरी सुखी पत्ती खा कर घी दूध खाद आदि देने वाली गाय पर भी करदी है ! और अब अल्लाह इनके साथ भी इन्साफ कर रहा है ! इसीलिए उच्च न्यायालय ने गाय के बध को प्रितिबंधित कर दिया है !अब मुसलमानो को भी अल्लाह की गायों पर इस रहमत की नजर का स्वागत कर गाय के  बध  पर प्रितिबंध लगाने वाले  न्यायलय के आदेश का पालन करना चाहिए !और गाय को भी ज़िंदा रहने का हक़ प्रदान कर देना चाहिए !इसी में अल्लाह की रजा है और मुसलमानो का मजा है !

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