मोदी जी की विदेश यात्राएं मात्र भ्रमण के लिए नहीं !बल्कि भारत की विकास यात्रा को अपनी पार्टी के एजेंडे के अनुसार क्रियान्वित करने की है !किन्तु इन यात्राओं पर जो खर्च बताया गया है !वह भारत के प्रधान मंत्री के रूप में गरीबों का प्रतिनिधि बताने वाले मोदी जी की सादगी पसंद जीवन चर्या से मेल खाता मालुम नहीं देता है !भारत के राजनेताओं को भारत के लोगों के आर्थिक स्तर के अनुरूप अपने आपकोदेश में और विदेश में भी प्रस्तुत करना चाहिए !गांधी जी इस मामले में राजनेताओं के लिए अनुकरणीय हो सकते हैं !आज भले ही गांधी जी के आलोचक राजनीति या अज्ञान के कारण उनकी मनगढंत आधारों पर आलोचना करें !लेकिन उनके जीवन के और गतिविधियोँ के सभी कार्यक्रम सरकारी रिकॉर्डों में उपलब्ध हैं !बे यद्द्पि अपने काल खंड के सर्वाधिक स्वीकृत नेता थे !फिर भी उनका जीवन भारत की आर्थिक और सामाजिक धार्मिक दशा का बोध कराता था !जब बे इंग्लैंड में १९३१ में गोल मेज परिषद में शामिल होने गए थे !तब बे ब्रिटिश हुकूमत द्वारा दी गयी शुविधाओं का त्याग करके लंदन के सबसे गरीब इलाके में रुके थे !भारत में भी सेवाग्राम में बे एक झोपड़ी में निवास करते थे !जिसके दर्शन के लिए आज भी देशी विदेशी सेकंडों की संख्या में आते हैं !बे अपने कपडे खुद ढोते थे !१९४७ में जो कांग्रेसी सरकारें बनी उनके भी बहुत से मंत्री और राष्ट्रपति गांधी जी के आदर्श सादगी पसंद जीवन का अनुकरण करते रहे है !इसीलिए मोदी जी को भी इन्ही आदर्शोँ का भी अनुसरण करना चाहिए !किन्तु अगर गांधी जी उन्हें पसंद ना आते हों !तो जिस संघ के स्वयं सेवक हैं और जिसके बे प्रचारक भी रहे हैं !और अभी उन्होंने संघ और सरकार की सम्मिलित मीटिंग के बाद उन्होंने कहा था कि संघ का स्वयं सेवक होने पर उनको गर्व है !उस संघ में भी त्यागी तपस्वी और हिन्दू राष्ट्र भक्तों का विशाल समूह मौजूद है !संघ की नीतियोँ और कार्यक्रमों का घोर विरोध करने वालों और उसको फासिस्ट संगठन कहने वालों को भी गुरूगोलवल्कर एकनाथ रानाडे पंडित दीन दयाल और सेकंडो अनेक संघ के समर्पित देश सेवा और हिन्दू राष्ट्र के निर्माण के लिए कृत संकल्पित तन मन धन और सर्वस्व त्याग करने की बृत्ति की प्रसंसा करनी होगी !इसिलए सरदार पटेल संघ को देश द्रोही ना कहकर भटका हुआ कहते थे !इसीलिए कुछ भी हो मोदी जी की सादगी और राष्ट्रभक्ति का दर्शन और प्रदर्शन उनके वस्त्रोँ में और देश विदेश की यात्राओं में अवश्य होना चाहिए !
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