Wednesday, 30 September 2015

डिजिटल इंडिया विश्व के वैज्ञानिक विकास की कड़ी में जुडने का एक प्रयास है !विज्ञानं भारत भूमि में अनादिकाल से कार्यरत रहा है !और आज से ५००० बरष पूर्व का भारत वैज्ञानिक उपलब्धियों के उच्चतम शिखर पर था !भारत में वायुयान भी थे! यंत्रचालित नौकाएं भी थी ! और विशालकारिणी ऐसी औषधियां भी थी ! जिनसे युद्ध में घायल योद्धाओं के घाओं को तुरत भर दिया जाता था !सम्पूर्ण भारत धन धान्य से समृद्ध था !पर्याबरण आदि की समस्यायों से भारत पूरी तरह मुक्त था !कृषि, गाय का पालन उसकी रक्छा और वाणिज्य आर्थिक समृद्धि के मुख्य श्रोत थे !कृषि कार्य में संलग्न कृषक अत्यधिक संपन्न और समृद्ध थे !और यह उक्ति प्रचिलित थी !उत्तम खेती ,माध्यम बान ,अधम चाकरी  भीख निदान !नौकरी को बहुत हेय दृष्टि से देखा जाता था !कोई भी नौकरी करने के लिए तैयार नहीं होता था !आज स्थिति बदल गयी है !लोग नौकरी को जीवन यापन का श्रेष्ठतम साधन मानते हैं !नौकरी को सभी प्रकार के भौतिक साधनो की समृद्धि को एक मात्र अचूक और प्रभाव शाली उपाय मानते है !इसीलिए देश में दबे, कुचले, वंचित ,पिछड़े लोगों को विकास की अग्रिम पंकति में लाने केलिए !संविधान में सरकारी सेवाओं में १० साल के लिए आरक्छण का प्रावधान किया गया था !किन्तु वह अभी भी जारी है !मोदी जी युवाओं को सरकारी नौकरी के व्यामोह और मायाजाल से मुक्त करने के लिए स्वाबलम्बी रोजगार प्रदान करने के लिए स्मार्ट सिटी, डिजिटल इंडिया आदि के प्रोग्राम लागू कर रहे हैं !विकास यादव की जिस गरीबी का चित्रण प्रस्तुत किया गया है !कर्ज और गरीबी के कारण उसके कृषक पिता ने आत्महत्या की है !और अब डिजिटल इंडिया के लिए उसने अपने घर को गिरवी रख दिया है !ये स्थिति देश के आम किसान की है! !हजारों की संख्या में किसान आत्महत्या कर रहे हैं !नौकरी प्राप्त करने के लिए किसान अपनी कृषि भूमि बेचकर रिश्वत देकर नौकरी प्राप्त करने की चेस्टा करते है !देश में सबसे अधिक पीड़ित किसान ही है !जिसे अन्नदाता कहाजाता था !आज वह भूख से मौत को गले लगा रहा है !कृषि कार्य से वह अपने परिवार का पालन पोषण नहीं कर पा रहा हैं !गाओं जो उत्पादन की रीढ़ थे ! बे उजड़ रहे हैं !लोग गाओं  से शहरों की और पलायन कर रहे हैं !यह विकास का स्मार्ट सिटी और डिजिटल इंडिया आदि किस हद तक कृषकों की आर्थिक स्थिति में सुधार के साधन बनेगें !इस बात पर भी लोकतान्त्रिक सरकारों को ध्यान देना चाहिए !कृषि प्रधान  भारत को डिजिटल इंडिया प्रधान भारत बनाने का प्रयत्न कितना किसानो के आर्थिक विकास में सहायक होगा ?यह अर्थशास्त्रियों के विचार का विषय है !

No comments:

Post a Comment