Wednesday, 9 September 2015

लाहोर में इस वक्तव्य से अच्छा वक्तव्य दिया ही नहीं जा सकता था !यह वक्तव्य समस्ययोँ के आसान समाधान की बात तो करता है !किन्तु बिगत ७० बरसों की बिफलता के कारणों पर ईमानदारी से विचार प्रस्तुत नहीं करता है !और मणिशंकर अय्यर से यह आशा भी नहीं की जी सकती है !की बे पाकिस्तानी भूमि पर पाकिस्तान के एक राजनायिक की पुस्तक के लोकार्पण के समय ऐसी कोई बात कहेंगे !जो समयस्या का समाधान हो !हिन्दुस्तान पाकिस्तान के मध्य समस्याओं का समाधान राजनेताओं के द्वारा कभी संभव नहीं है !क्योँकि राजनेता हमेशा राजनैतिक लाभ हानि की दृष्टि से ही विचार व्यक्त करते हैं !हिन्दुस्तान और पाकिस्तान की समस्यायों का समाधान अभी निकट भविष्य में संभव नहीं दीखता है !यद्द्पि अनेक ऐसी समस्याएं हैं !जो स्वभावगत और सांस्कृतिक तथा धर्मगत है !बो तो कुत्ते  की पुंछ की तरह टेढ़ी हमेशा रहने वाली है !किन्तु सबसे अधिक दोनों देशों के मध्य विवाद पैदा हमेशा कायम रहने वाली कश्मीर समस्या है !इसको  इतना उलझा दिया है !कि इसको सुलझाना  असंभव है  !इसी से जुडी इस्लामिक चरमपंथ की समस्या भी है !जिसका समाधान पाकिस्तान के चरमपंथियों और सेना के पास है !

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