Sunday, 6 September 2015

स्वाबलंबी ग्रामविकास की कल्पना गांधी जी ने प्रस्तुत की थी !वह कहते थे  स्वतंत्र भारत ७५० लाख गाओं का गड्तंत्र होगा !गाओं पूरी तरह से स्वाबलंबी होगा !वह अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सरकार पर अबलम्बित नहीं होगा !किन्तु स्वतंत्र भारत ने उनको नोटों पर तो छाप दिया उनकी मूर्तियां भी खड़ी करदी किन्तु गांधी जी की  पोषित और भविष्य की ग्राम विकास योजनाओ को तिलांजलि दे देदी !आज भारत स्वाबलंबी भारत और ग्राम विकास से  इतना दूर चला गया है कि अब ग्रामविकास के स्थान पर स्मार्ट सिटी निर्माण योजना को अमली जामा पहनाने का जोर शोर से प्रयत्न किया जा रहा है !उनके दो अन्य प्रिय कार्यक्रम साम्प्रदायिक सद्भाव और मद्दीनिषेध भी राजनैतिक स्वार्थ की भेंट चढ़ गए हैं !मद्द्यपान सरकारी आय का साधन बन गया है !और साम्प्रदायिक सद्भाव मतदाताओं को अपने पक्छ में करने का साधन बन गया है !हिन्दू मुसलिम तनाव बढ़ता जा रहा है !

1 !कोई भी राजनेता या धार्मिक नेता इस समस्या पर अपनी राय देश के हित को देखते हुए नहीं रखता है !सभी इस समस्या को और बिगाड़ने में लगे हुए हैं !छत्तीसगढ़ के गाओं के  इस दृष्टांत से नेताओं को सबक लेना चाहिए!

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