Tuesday, 29 September 2015

बेबाकी से बात करना अलगबात है ! और बेबाकी से जनहित  के काम करना अलग बात है !देश में बे बाकी से बात करने वाले बहुत से राजनेता हैं !किन्तु सत्ता की चमक दमक भोग और ऐश्वर्य की प्राप्ति इन्हे कुनवा परस्ती और सार्वजानिक हित के मुद्दों जैसे दलितों पिछड़ों का विकास      के मुद्दे  अपना और अपने परिवार तथा अपने वोट बैंक को मजबूत बनानने तक ही सिमित कर देता है !लालू नितीश रामविलाश पासवान  ये सभी नेता जयप्रकाश के आंदोलन से शक्ति पाकर राजनीति में सफलता प्राप्त कर मुख्य मंत्री और केंद्रीय मंत्री के पद तक पहुंचे !सत्ता में पहुँचने के बाद ये जयप्रकाश नारायण और सम्पूर्ण क्रांति को भूल गए !और इनको अब अपना और अपने परिवार के हित में ही सम्पूर्ण क्रांति और सामाजिक बदलाव का मूलाधार दिखने लगा !इन नेताओं के राजनीति में पद प्राप्ति और प्रमुखता से एक लाभ तो हुआ है !कि चाय बेचने वाले लालू और अत्यंत सामान्य और दलित परिवार से निकले नितीश और रामविलास पासवान सत्ता के शीर्ष पदों तक पहुंचने  में सफल हो गए ! इन लोगों ने और इन्ही बर्गों और जातियों से निकले लोगों ने  लोकतंत्र को अपना और अपने परिवार के विकास का साधन बना लिया

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