लोकतंत्र में सत्ता आमआदमी निर्बाचन के माध्यम से प्राप्त करता है !और लोकतंत्र के विकास के लिए निर्बाचित व्यक्ति का यह उत्तरदायित्त्व हो जाता है !कि वह लोकतंत्र में सत्ता आमआदमी को लोकतान्त्रिक पद्धति से प्रदान करे !यूरोप के मुल्कों में विकसित लोकतंत्र है !इसीलिए वहां अत्यंत सामान्य संघर्ष शील व्यक्ति सत्ता के उच्चतम पायदान पर पहुँच जाते हैं !और बे सत्ता के माध्यम से लोकतंत्र को विकास शील और शसक्त बनाते हैं !वहां आपको खोजने के बाद भी ऐसे उदाहरण मुश्किल से मिलेंगे की निर्बाचित होने के बाद उन्होंने अपनी आर्थिक उन्नति में विकास किया हो !या परिवार को लाभान्वित किया हो !किन्तु भारत बर्ष में आपको खोजने पर भी ऐसे उदहारण मुश्किलसे मिलेंगे जहां निर्वाचित होने के बाद नेताओं ने अकूत धन संपत्ति ना कमाई हो परिवार को अवैधानिक तरीके से राजनैतिक और आर्थिकलभ ना पहुंचाया हो !अमेरिका के जिन धन मान से समृद्ध जुकेरबर्ग आदि के उदहारण यहाँ दिए गए हैं !जिन्होंने सामान्य मजदूरों की तरह जीवन का प्रारम्भ किया और आज समृद्धि की उचाई पर पहुँच गए हैं !यह कोई आश्चर्यजनक घटना नहीं है !वहां होटल शराब कि बार में मजदूरी करने वाले ऐसे अनगनित उदाहरण मिलेंगे जिन्होंने असाधारण ख्याति और समृद्धि प्राप्त की थी !भारतीय राजनीति में केंद्र में मोदी जी ही एक मात्र व्यक्तिदिखायी देते हैं !जिनका परिवार उनसे लाभान्वित होता दिखाई नहीं देता है !वह प्रधान मंत्री निवास में एकाकी जीवन जीते है !और कठोर श्रम करते हैं !उनके सगे भाई भतीजे और यहाँ तक की उनकी माता जी भी उनके सरकारी आवास में औपचारिक भेंट करने भी नहीं आ पाते हैं !बंगाल में ममता बनर्जी और बहुत से अन्य नेता भी हैं !जिनका राजनीति में चरित्र बेदाग है !केरल और त्रिपुरा आदि में भी आपको बहुत से साम्यबादी नेता मिल जाएंगे जो अत्यंत सादगी पूर्ण जीवन जी रहे हैं !केंद्रमें सुरेश प्रभु और पारकर जैसे मंत्री हैं जो लोक में ईमानदार नेता के रूप में प्रसिद्ध हैं !और भी कई नेता हो सकते हैं जिनका चरित्र बेदाग़ हो !राहुल गांधी और सोनिआ गांधी भी उच्चकोटि की ईमानदारी से युक्त हैं !
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