Tuesday, 1 September 2015

 चीन खुद भारत के लिए एक बहुत बढ़ी समस्या है !और यह देश पाकिस्तान का सिर्फ इसीलिए मित्र है क्योँकि पाकिस्तान भी भारत को अपना दुश्मन नंबर एक मानता है !इसीलिए चीन की भारत पाकिस्तान के बिगड़ते रिश्तों के सम्बन्ध में चिंता प्रगट करना राजनैतिक दृष्टि से भारत को पाकिस्तान के समानान्तर खड़ा करने का एक प्रयत्न मात्र है !भारत हमेशा चीन और पाकिस्तान तथा विश्व के सभी अन्य देशों से मित्रता का पक्छ्धर रहा है !और अभी भी है !चीन ने भारत के विशाल भू भाग पर कब्ज़ा कर लिया है !और अभी भी उसकी गीध दृष्टि अरुणाचल प्रदेश पर कब्ज़ा करने की है !पाकिस्तान का तो जन्म ही घृणा विद्वेष और धर्म के आधार पर हुआ है !  !और आज भी पाकिस्तान की नीति और राजनीति भारत के विरोध की ही है !इसीलिए अगर वास्तव में चीन की चिंता भारत पाकिस्तान के मध्य पडोशी देश के नाते तनाव को ख़त्म करने की है !तो उसे भारत के सद्भाव मित्रता के प्रयत्नो को सही अर्थोँ में समझ कर प्रस्तुत करना चाहिए ! भारत पर आत्तंकबादी गतिविधियाँ  बंद कराना चाहिए ! भारत  की नीति  आज भी  पाकिस्तान की  सभी उत्तेजक गतिविधियोँ के बाद भी उस से मित्रतापूर्ण समबन्ध रखने की है

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