Saturday, 12 September 2015

सिलिंडर फटने से इतना भयानक बिस्फोट और हादसा होना संभव नहीं है !यह हादसा तो किसी घर में संग्रहीत विस्फोटिक ज्वलनशील सामग्री से ही होना संभव है !इस तथ्य की जांच गहराई से और निष्पक्छता से होनी चाहिए !यह जाँच प्रसाशनिक अधिकारी नहीं कर पाएंगे !क्योँकि इसमें प्रसाशनिक लापरबाही मालूम पड़ रही है !कहीं ना कहीं इसमें बिस्फोटक सामग्री को अवैधानिक तरीके से रखने कीबात समझ में आती है !इसलिए इसमें किसी सामाजिक संगठन को आगे आकर जाँच करना चाहिए !अगर यह काम कोई कानून की जानकारी रखने वाले संगठन अपने हाथ में ले !और इसके परिणाम जाँच में अधिकारियों की लापरबाही के सही पाये जाएँ तो उनके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण न्यायलय में प्रस्तुत किये जाएँ !राज्य सरकार तो इसमें लीपा पोतिकर अपने को बचाने की पूरी चेस्टा करेगी !जिस प्रकार भारत में ब्रिटिश हुकूमत के दौरान समाज सेवी लोग समितियां गठित कर सरकारी उपेक्छा और अन्याय की जांच कराती थी !उसी प्रकार की प्रक्रिया अब समाज सेवी संगठनो को अपनाना चाहिए !यह हादसा अत्यंत भयानक है ! इसमें अनगिनित नागरिकों बच्चों और महिलाओं की मृत्यु हुई है !इसिलए इसको सिर्फ प्रसाशनिक अधिकारियों की मनगढंत और फर्जी रिपोर्टों के आधार पर मानवीय जीवनो का आकलन कुछ रुपयों का मुआबजा देकर समाप्त नहीं किया जा सकता है !लोकतंत्र जागरूक स्वतंत्र नागरिकों की निष्पक्छ भागीदारी और जिम्मेदारी से ही सफल हो सकता है !लोकतंत्र सिर्फ शासन  करने की प्रणाली ही नहीं है !यह आम जनता की शक्ति को जाग्रत कर उसको जिम्मेदार बनाने की प्रक्रिया भी है ! इस प्रक्रिया का क्रियानबन  देश में लोकतांत्रिक सरकारों ने समाप्त कर दिया है !और बे अब प्राचीन काल के राजाओं और महराजाओं की तरह कार्य कर रहे हैं !आम जनता से निकले और मतदाताओं के समर्थन से लोकतांत्रिक सत्ता प्राप्त करने वाले ये आम आदमी अब विशिष्ट बन गए हैं !इनकी जीवन शैली राजाओं की हो गयी है !और ये लोकतंत्र के मूल सिद्धांत भूल गए हैं  !इनके शब्दों में लोकतंत्र और आचरण में राज तंत्र आ गया है !यही कारण है कि आमजन परेशान है ! और ये मौज मजा कर रहे हैं !और ऐसे भयानक हादसों को भी सिलिंडर फटने से होने वाली घटना निरुपत कर मामूली मुआबजा देकर अपनी जिम्मेदारी समाप्त मान रहे हैं !

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