आज दैनिक जागरण में प्रथम पृष्ठपर और अमर उजाला में ११वेन पृष्ठ पर समाचार छपे हैं ! कि मुजफरनगर साम्प्रदायिक दंगा की चपेट में आगया !हैबत्पुर गाओं की छात्राएं चरथाबल के कॉलेज में पढ़ने जाती हैं ! आरोप है की एक सम्प्रदाय विशेष के छात्र भट्ठा स्थित बस स्टैंड पर छात्राओं से छेड़ छाड़ करते हैं !इसे लेकर कई बार विवाद हो चुका है ! गाओं वालों के अनुसार सोमबार की सुबह छात्राएं स्टैंड पर बस का इंतजार कर रही थी ! कुछ मनचलों ने छात्राओं से छेड़ छाड़ की ! और जब छात्राओं ने विरोध किया तो छेड़ छाड़ करने वालों ने उनकी पिटाई भी की !मार पीट से छात्राओं के कपडे तक फट गए ! सूचना पर छात्राओं के अभिभावक मौके पर पहुंचे तो युवकों ने उनको भी तथा कुछ छात्रों को भी पीटा ! जंगल में चारा लेने जा रही महिलाओं के साथ भी मार पीट की ! इसी बीच मारपीट करने वाले युवकों ने अपने परिजनों को भी बुला लिया ! थोड़ी देर बाद ही हिन्दू मुसलिम समुदाय की भीड़ जुटने लगी ! दोनों और से लाठी डंडे और तल्बारें चली ! बाजार बंद हो गए ! खूनी टकराव में एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए ! प्रशाशन ने लाठी फटकार कर भीड़ को तितर बितर किया ! बाद में गाओं में फ्लैग मार्च भी किया गया !मौके से पुलिस ने आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया !अमर उजाला ने छापा है कि पुलिस से भी हाथा पायी की गयी गाओं को छावनी में तब्दील कर दिया गया है ! पुलिस की और से पूर्व ब्लॉक प्रमुख एवं प्रधान पति समेत १३ को नामजद करते हुए १०० अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदद्मा दर्ज किया गया है !उत्तरप्रदेश में हिन्दू मुसलिम सम्बन्धो का कितना बीभत्स और धार्मिक घृणा से भरा हुआ माहौल है !उनके उदाहरण आये दिन होने वाले हिन्दू मुसलिम दंगो से मालुम पड़ता है !अब यह कहना मुश्किल है !कि पुलिस ने दंगे में लड़कियों की इज्जत पर डाका डालने वाले युवकों और उनकी मारपीट करनेवाले मनचले सम्प्रदाय विशेष के छात्रों और उनकी रक्छा तथा समर्थन में तलवार चलाने वाले सम्प्रदाय विशेष के लोगों को गिरफ्तार किया है? !और उनके विरुद्ध संगीन धाराओं में मामले दर्ज किये हैं ?!या उन लोगों के विरुद्ध मुकदद्मे कायम किये हैं जो अपनी बच्चियोँ की गुण्डों से इज्जत बचाने आये थे !और उनकी भी मनचलों ने पिटाई कर दी थी !तथा उनके समर्थन में आये लोगों के विरुद्ध भी मुकदद्मे दर्ज किये है !और उनको गिरफ्तार किया है ? अपनी आबरू बचाना और अपनी बच्चियो को गुण्डों से आबरू बचाने का प्रयत्न करना !और पीटे जाने पर अन्य लोगों का तलबार भांजने वालों और लाठी डंडा चलाने वालों से छात्राओं और उनके अभिभावकों की रक्षा करना प्रसंसनीय कार्य है !दंडनीय अपराध नहीं है !यदि इसके बाद भी पुलिस ने छात्राओं के अभिभावकों और उनको बचाने के लिए आये लिोगों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किये है !तो यह न्याय की उपेक्छा है !और अपराधियों को अपराध करने की छूट देना और उनका मनोबल बढ़ाना है !समाचार पत्रों को जनता के सामने सही तथ्य प्रस्तुत करने के लिए पुलिस द्वारा की गयी कार्यबाही का खुलासा करना चाहिए !
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