किसी भी लोकतांत्रिक सरकार को संवैधानिक प्रावधानों के अतिरिक्त अन्य किसी धार्मिक या साम्प्रदायिक तथ्योँ पर विचार ना कर निर्णय लेना चाहिए !संविधान ही लोकतंत्र की सर्वमान्य किताब होती है !उसके अतिरक्त सरकारी राज काज के निर्बहन में किसी अन्य धर्म या सम्प्रदाय को महत्त्व नहीं दिया जाना चाहिए !भारत में संवैधानिक प्राबधानो की पूरी निष्ठा और ईमानदारी से पालन नहीं किया जा रहा है !सत्ता संपत्ति मान आदि के भूखे भेड़िये सभी छेत्रों में कुछ धर्म का चोला ओढ़कर कुछ राजनीति में सक्रिय होकर और कुछ समाज और सरकारी सेवा आदि में सक्रिय होकर भारत के लोकतंत्र के स्वरुप को नष्ट करने में लगे हुए हैं !भारत अनादि काल से धर्म प्रधान देश रहा है !और यहां सभी धर्मों का प्रवेश निर्बाध गति से होता रहा है !किन्तु यहां प्रतिष्ठा और वर्चस्व भूत काल में सनातन धर्म के सनातन मूल तत्त्वों का सत्य अहिंसा अस्तेय ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह का रहा है !इसलिए मूल सिधान्तो के अंतर्गत ही धार्मिक स्वतंत्रता और सर्वधर्मसम्भाव की स्थापना भारतीय संविधान में रची गयी है !किन्तु संविधान के इन प्रावधानों का कभी भी पालन ईमानदारी से शासन में बैठे लोगों ने कही किया !परिणाम स्वरुप देश में अधर्म ही धर्म के रूप में विसत्तार पा रहा है !और इसमें मुसलिम सबसे आगे दिखाई दे रहे हैं !बे आज भी किसी भी देश में रहते होँ अपना मुसलिम एजेंडा लागू करते हैं !जहां भी जिस देश में उनकी आबादी में बढ़ोत्तरी होती है !बे अपने धार्मिक कानूनो को क्रियांबित करने की चेस्टा करते हैं !पश्चिमी देशों फ्रांस इंग्लैंड अमेरिका रूस आदि देशों में मुसलिम अपनी इन्ही गतिविधियोँ के कारण अलग थलग पड़ते दिखाई दे रहे है !मुसलिम देशों में तो इस्लामिक कटटरता का स्वरुप पूरी तरह स्पष्ट दिखाई देता है !भारत तो सन्सार के सभी मुसलिम देशों से बड़ी आबादी बाला देश है !यहां तो कई जिले मुसलिम बहुल है ! और हिन्दू अल्प संख्यक हैं !धर्म के आधार पर पाकिस्तान के निर्माण के बाद भी हिन्दू धर्म के विरुद्ध घृणा का भाव ना तो पाकिस्तान में समाप्त हुआ है ! और ना ही पाकिस्तान जैसी घृणा बुद्धि रखने वाले भारतीय मुसलमानो में हुआ है !इसीका परिणाम है कि कश्मीर में भारत सरकार अरबों रुपया कश्मीर मुसलिम बहुल घाटी में जम्मू लद्दाख के हिन्दू बहुल इलाकों की उपेक्छा करने के बाद भी घाटी के मुसलमानो का दिल नहीं जीत पायी है !और अभी भी वहां पाकिस्तान समर्थक अलगाओबादियोँ का वर्चस्व है !देश की केंद्रीय सरकारों ने भारत की जनता के साथ विश्वासघात किया है !और वहां पाकिस्तान समर्थकों को हिन्दुस्तान के विरुद्ध तत्ववों को महत्ता प्रदान की और उनका पोषण किया !जिसका परिणाम है !कि अब पाकिस्तानी झंडे लहराना तो आम बात है !अब इस्लामिक संगठन के झंडे भी फेराए जाने लगे हैं !और यह जहर बहुत तेजी से सारे देश में फैल रहा है !और कुछ लोग तो अब यह भी कहने लगे हैं कि देश में गृह युद्ध की संभावनाएं विकसित होने लगी हैं !यदि इन दुष्प्रवृतियोँ को ईमानदारी से धार्मिक भेद भाव से ऊपर उठकर कानून के अनुसार सख्ती से दबाया नहीं गया तो भारत में यह समस्या और गंभीर हो सकती है
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