गांधी जी ने १३ जनबरी १९४८ में आमरण अनशन दिल्ली में शुरू कर दिया था !यह अनशन मुख्य रूप से मुसलमानो को न्याय दिलाने और विभाजित भारत में उनकी जान माल की रक्छा के लिए किया गया था !उसी अनशन में पाकिस्तान को उसकी बकाया राशि की अदायगी भी शामिल थी !केंद्रीय मंत्रिमंडल यह निर्णय ले चुका था !कि पाकिस्तान को उसकी बकाया राशि नहीं दी जायेगी !गांधी जी का स्वास्थ्य पहले से ही ठीक नहीं था !डॉकटरों का कहना था कि अगर उनका अनशन जारी रहता है !तो उनकी मृत्यु किसी भी समय हो सकती थी !इसीलिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सर्व सम्मत निर्णय हुआ कि पाकिस्तान को उसकी बकाया राशि तुरत भुगतान कर दी जाएगी !इसकी घोषणा अनशनस्थल पर ही की गयी !सरदार पटेल ने भी बेमन से अपनी सहमति गांधी जी का जीवन बचाने के लिए दे दी थी !डॉ राजेन्द्र प्रसाद के अध्यक्छता में शान्ति समिति गठित की गयी थी !जिसमे सभी राजनैतिक दल और गांधी जी के प्रमुख विरोधी हिन्दू महासभा के लोग भी शामिल थे !इन सबने एक मत से गांधीजी की सभी १३ मांगे जो विभाजन के कारण भारत में मुस्लिमों की रक्छा सुरक्छा के लिए थी !मान ली गयी थी ! और गांधीजी ने अपना अनशन १८ जनबरी को समाप्त कर दिया था !मौलाना अब्दुलकलाम आजाद के हाथों नारंगी का जूस लेकर गांधी जी ने अपना अनशन समाप्त कर दिया था !अनशन समाप्त करने के पूर्व उन्होंने समिति के सदस्योँ से कहा था !की आप लोग मुझे मर जाने दें !मेरा जीवन बचाने के लिए आप अपना मत ना बदलें !अगर आप समझते हैं !की जिन प्रश्नो के समाधान के लिए मेने यह अनशन किया है !अगर आप उसको सही मानते हैं !तभी आप मुझ से अनशन तोड़ने की बात कहें !आप लोग हमको धोखा न देना !गांधी जी पर मुस्लिमों के हिमायती होने का और हिन्दू विरोधी होने का आरोप लगाया जाता है !किन्तु गांधीजी ना मुसलमानो के हिमायती थे !ना हिन्दुओं के विरोधी थे !गांधी जी सनातनी हिन्दू थे !और राम नाम उनके जीवन का आधार था ! और गीता उनकी मार्ग दर्शिका थी !गीता को बे दिव्य माता मानते थे !और दूसरे अध्याय के स्थित प्रज्ञा के श्लोक उनकी दैनिक प्रार्थना में नित्य पढ़े जाते थे !और आज भी पढ़े जाते है !इन श्लोकों को बे कर्म का कोष मानते थे !और कहते थे की मेरे जीवन का लक्छ्य स्थित प्रज्ञा बनना है !वह एक शुद्ध वैष्णव धर्म का पालन करने वाले थे !और उनका प्रिय भजन था वैष्णव जान तो तेने कहिये जो पीर परायी जाने रहे !सत्य की प्राप्ति जिसे बे ईश्वर कहते थे !उसके लिए अहिंसा ब्रत का बो पालन करते थे ! संयम उनके जीवन की पद्धति थी और सेवा जीवन का कार्य था !उनको मुसलमान काफ़िर कहता था !और हिन्दू उनको मुसलिम समर्थक मानता था !उनको जीवन में अनेकों बार मुसलमानो की कटटरता का शिकार होना पड़ा था !उनका बड़ा बेटा हरलाल जो चरित्र से गिर गया था ! ने इस्लाम धर्म कबूल कर लिया था !इस पर बहुत से मौलवियों ने गांधी जी से कहा था की इस्लाम धर्म सबसे अच्छा धर्म है !गांधी जी को भी इस्लाम धर्म कबूल कर लेना चाहिए !इस पर गांधी जी ने दुखी होकर मौलवियों को पत्र लिख कर तथा अखबार में लेख लिख कर कहा था ! कि एक युवक जो वैश्या गमन करता है !और जो अनेक बार धर्म परिवर्तन कर चुका है !क्या मुसलमान होते ही पवित्र हो जाता है !गांधी जी के परम प्रशंशक मौलाना मुहम्मद अली ने लेख लिखा था !की गांधी जी कितने भी अच्छे हों !किन्तु बे एक गंदे से गंदे मुसलमान से खराब हैं !अक्टूबर १९४६ में नोआखाली में हिन्दू मुसलिम दंगे भड़क उठे थे !नोआखाली की २२ लाख की आबादी में ८२ %मुस्लमान थे ! और १८% हिन्दू थे !वहां पर हिन्दुओं का व्यापक कत्ले आम हुआ था !उस समय बंगाल में मुसलिम लीग की सरकार थी !सुहरावर्दी मुख्य मंत्री थे !कलकत्ता में २२ पुलिस स्टेसन थे जिसमे से २१ पर मुसलमान तैनात थे !और एक पर ईसाई थाने दार था !सुहराबर्दी खुद हिन्दुओं का क़त्ल करा रहा था !जब गांधी जी नोआखाली पहुंचे तो मुसलमान उनके रास्ते में मैला फैला दे देते थे !उनको राम धुन नहीं करने देते थे !और उनसे कहते थे बुड्ढे यहां से भाग जा नहीं तो तेरे टुकड़े टुकड़े कर देंगे !गांधी जी वहां ११६ मील नंगे पैर ७७ साल की आयु में १०४ डिग्री बुखार में पैदल चले और अंत में उन्होंने वहां शांति स्थापित करने में कामयाबी प्राप्त की थी !गांधी जी ने कहा था कि मेने जीवन भर हिन्दू मुसलिम एकता के लिए काम किया और मुसलमानो का विश्वास जीतने की कोशिश की किन्तु में सफल नहीं हो सका !इसके बाद भी उन्होंने पाकिस्तान को रूपया दिलाये और मुसलमानो की सुरक्छा भारत में सुनिश्चित करने के लिए अपना जीवन दाव पर लगा दिया उसके दो प्रमुख कारण थे !(१)जब मौन्टबेटन ने गांधी जी से कहा की यह न्याय पूर्ण नहीं है ! कि भारत की सरकार पाकिस्तान का बाकी रुपया चुकता ना करे !यह भारत सरकार की बेईमानी होगी !गांधी जी नहीं चाहते थे कि सरकार बेईमानी की मिशाल आजाद भारत में पेश करे !(२) जो मुसलमान भारत में रह गए थे !और भारत को अपनी मातृ भूमि समझ कर छोड़ के नहीं जाना चाहते थे !जब बिभाजित भारत के विस्थापित लोग दिल्ली में आते थे !और जिस तरह का कत्ले आम हिन्दुओं का हुआ था !उनकी बहिन बेटियों की इज्जत लूटी गयी थी !उनको अपना घर बार छोड़ना पड़ा था !इस कारण से मुसलमानो के खिलाफ उन के दिलों में हिंसा घृणा और नफरत का आग लगी हुई थी !और बे जैसे को तैसा व्योहार मुसलमानो के साथ करना चाहते थे !मुसलमान गांधी जी के पास आकर कहते थे कि हमारा जीवन सुरक्छित नहीं है !हमारी मस्जिदों और घरों पर विस्थापितों ने कब्ज़ा कर लिया है !गांधी जी पाकिस्तान में होने वाले हिन्दुओं के अत्याचार के विरुद्ध ९ फरबरी को पाकिस्तान जाने वाले थे !जहां जिन्ना भी उनके साथ मुसलमानो द्वारा हिन्दुओं पर होने वाले अत्याचारों के विरुद्ध गांधी जी के साथ सम्बोधन करने वाला था !इसीलिए गांधी जी चाहते थे कि पहले हम दिल्ली में और अन्य शहरों में शांति स्थापित कर लें ! फिर पाकिस्तान जाएँ !इसिलए आत्मा की आवाज पर सत्यनिष्ठ अहिंसक गांधी ने आमरण अनशन किया और पाकिस्तान को उसकी बकाया राशि बापिस करायी थी ! किन्तु इसका सन्देश ना समझी के कारन ठीक नहीं गया था !
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