अगर केंद्रीय
मंत्रियों और भाजपा के मुख्यमंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते है !
तो उसके उत्तर में भाजपा के सांसद कांग्रेस शासन के दौरान हुए भ्रष्टाचार
के मुद्दे उठाकर भ्रष्टाचार के आरोपण से बच नहीं सकते हैं !जनता ने
कांग्रेस को सत्ता से इसिलए बाहर कर दिया था !क्योँकि उसने मोदीजी के
स्वक्छ प्रशासन देने पर विश्वास कर उसके पक्छ में मतदान कर उनको सत्ता
प्रदान की थी !इसीलिए अब केंद्र की मोदी सरकार को जनता के सामने स्वक्छ
प्रशासन देने के वायदे को पूरा करना है !और यह काम भ्रष्टाचार में आरोपित
मंत्री और भाजपाशासित प्रदेश के मुख्य मंत्रियों के विरुद्ध कार्यवाही
करने से ही होगा !इस सम्बन्ध में वाजपेयी जी के युग के जो वरिष्ठ और अनुभवी
सांसद आडवाणी जी और मुरली मनोहर जोशी आदि हैं !इनको संसद में भाजपा पर लगे
भ्रष्टाचार के आरोपण का जबाब देना चाहिए !किन्तु आरोप के बदले आरोप तो
बिलकुल भी नहीं लगाए जाने चाहिए !सत्ता और संसद में बहुमत में होने के कारण
जब विपक्छी सांसद भाषण दे रहे हों ! तो सत्ता पक्छ के सांसदों को उन्हें
शांतिपूर्वक बिना हो हल्ला मचाये बोलने देना चाहिए !संसद में जैसे को तैसा
की नीति का पालन और प्रदरसन नहीं होना चाहिए !बल्कि अनुशाशन हीनता का जबाब
लोकतंत्र की मर्यादा को ध्यान में रख कर अनुशासन का पालन करते हुए दिया
जाना चाहिए !सत्ता और संसद में कभी भी एक ही दल का बहुमत और सत्ता हमेशा
नहीं रहेगी !यह कांग्रेस से बदलकर भाजपा के पास आई है !यह भाजपा से बदल कर
किसी और दल के पास चली जायेगी !और यह सिलसिला लोकतंत्र में सदा जारी रहेगा !
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