सबसे अहम बात यह है !कि हिन्दुस्तान की सरकारों ने अलगाव बादी शक्तियों को क्योँ बढ़ने दिया ! और उनको बढ़ने का मौका भी प्रदान किया ! औरउनको हिंदुस्तान पाकिस्तान के मध्य होने वाली बार्ताओं में शामिल होने दिया !यह फोड़ा अब कैंसर का रूप ले चुका है !अब इसका इलाज बातचीत रूपी दबा से होना संभव नहीं है !इसका इलाज तो ओपरेसन से ही संभव है !अगर भारत सरकार कश्मीर को भारत का अविभाजा अंग स्वीकार करती है !तो इसे आज नहीं तो कल इन अलगाव बादियों से निजात पानी ही होगी !और देश में होनेवाली बिघटनकारी शक्तियों से दृढ़ता पूर्वक निबटना होगा !अन्यथा कश्मीर समस्या ला इलाज होती चली जायेगी !सरकार अलगाव बादियों को नष्ट करने के लिए और साथ ही इनके रक्छक संरक्छक पाकिस्तान से निबटने के लिए !कोई ठोस योजना तैयार कर संसद में प्रस्तुत करे !फिर सर्वसम्मत जो निर्णय संसद का हो !उसको क्रियान्बित करे !लेकिन इसमें अब अधिक बिलम्ब करने की आवश्यकता नहीं है !
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