देश में हिन्दूमुस्लिम समस्या का समाधान होता नहीं दिख रहा है !राजनेताओं को यह सत्ता में काबिज होने या काबिज बने रहने के रूप में लाभ हानि का विषय हो सकता है ! किन्तु सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से यह बहुसंख्यक हिन्दू समुदाय जो हिन्दुस्तान में भी कुछ राज्योँ और जिलों में अल्पसंख्यक हो गया है !सांस्कृतिक दृष्टि से चिंता का विषय हो सकता है !हिन्दू धर्म ने कभी दूसरे धर्मों के लोगों को धर्मांतरण कराने का प्रयत्न नहीं किया !जो धर्म कभी अफगानिस्तान ईरान श्रीलंका वर्मा मलेसिया इंडोनेसिया थाईलैंड आदि अनेक देशों में फैला हुआ था !वह आज भारी संख्या में धर्मांतरण के कारण हिन्दुस्तान में ही सिकुड़ता जा रहा है !राजनेताओं को सत्ता ने अंधा बना दिया है !इसीलिए हिन्दू होते हुए भी उन्हें हिन्दू धर्म पर होने वाला आसन्न संकट नहीं दिख रहा है !और जो अपने आप को हिन्दुओं का हित चिंतक घोषित कर रहे हैं !उन्हें भी श्रेष्ठ हिन्दू महात्मा गांधी गद्दार दिखाई देते हैं !और बे गांधीजी के हत्यारे को महिमा मंडित करते राहत हैं !हिन्दू धर्म की श्रेष्ठता पर जो प्रहार किया जाता है उसमे प्रमुख रूप से शूद्रों का मुद्दा बड़ी जोर शोर से उठाया जाता है !और आजकल जो नए जिन्ना मुसलमानो में पैदा हुए हैं बे भी इस पुराने फॉर्मूले को जिसका प्रयोग जिन्ना ने भी किया था मुसलिम दलित एकता की बात पैरवी करते दिखाई देते हैं !किन्तु शूद्र किसे कहते हैं ! इस सम्बन्ध हिन्दूओं के श्रेष्ठ ग्रन्थ महाभारत और गीता का अध्ययन नहीं करते हैं !उन कल्पित और गुलामी के काल में दूषित हुए धर्म ग्रंथों के उदाहरण पेश करते हैं जिनमे षड्यंत्र पूर्वक बहुत सी अपमानजनक बातें शूद्रों के अपमान की जोड़ दी गयी हैं !महत्तर नाम की कोई कौम भारत में नहीं थी !क्योँकि राजमहलों से लेकर सामान्य प्रजा के लोग भी शौच के लिए जंगल में जाते थे !आज भी भारत में अधिकाँश घरों में शौचालय नहीं है !इन सफाई कर्मचारियोँ का इतिहास अमृत लाल नागर के उपन्यास नाच्यौ बहुत गुपाल में देखा जा सकता है !संसार में इस्लाम को छोड़कर सभी धर्म परिवार नियोजन का पालन करते हैं !ईसाई देशों की जनसँख्या में बृद्धि होती ही नहीं है !यद्द्पि उनकी आबादी कम है ! किन्तु बुद्धिबल और वैज्ञानिक सोच के आधार पर सारे विश्व में बे शिरमौर बने हुए हैं !बिभाजन के बाद भारत में मुसलिम आबादी सिर्फ ४ करोड़ थी !आबादी मुसलमानो की बढे या हिन्दुओं की वह देश हित में नहीं है !जिस देश में भुखमरी हो बीमारों का इलाज ना हो पाता हो बेरोजगारी हो मतदाता लोभ लालच और सत्ता लोलुप हिन्दू मुसलिम नेताओं के बह्काबे में आकर अपने मत का सही उपयोग ना करता हो !जहाँ हररोज देश के किसीने किसी स्थान से हिन्दू मुसलिम तनाव और झगड़ों की खबर आती रहती है !जहां नए नए जिन्ना पैदा होकर हिन्दू मुसलिम के मध्य खायी पैदा करने में लगे हुए हों ! और सत्ता पाने के लिए बिघटनकारी प्रवृत्तियोँ को जन्म दे रहे हों ! जिस देश में ६७ साल आरक्छण के बाद भी उपेक्छित बंचित पिछड़े कहलाने वाले लोगों पर आरकच्छित समाज के लोग ही उनके हितों पर डांका डाल रहे हों !जहां न्याय को जाति और बर्गों के हित साधन में लगाकर न्याय दृष्टि को ही दूषित और कलंकित कर दिया हो !जहां चोर बाजारी और रिश्वत खोरी का बोल बाला हो ! जहाँ कर्तव्यनिष्ठ लोगों पर भ्रष्ट लोग शासन करते हों !वहां विष्फोटक होती हुओ जनसँख्या बृद्धि पर नियंत्रण साम्प्रदायिक दबाव के चलते संभव न हो सके तो संपूर्ण समस्यायों के मूल में इस विकट समस्या का समाधान भी संभव नहीं हो पायेगा
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