Saturday, 15 August 2015

भारत के अधिकाँश राजे रजवाड़े ब्रिटिश हुकूमत के समर्थक थे !और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए उत्सुक रहते थे !अधिकाँश राजा लोग प्रजा के हितों के बारे कम और अपने निजी स्वार्थोँ के पोषण में लगे रहते थे !जैसे जैसे देश में आजादी की लड़ाई तेज होती गयी !ब्रिटिश हुकूमत ने देश के इन आतंरिक मतभेदों के आधार पर देश की आजादी के मार्ग में सुनियोजित योजाबद्ध तरीके से बाधा उत्पन्न करना शुरू कर दिया था १९३१ में लंदन में द्वतीय  गोल मेज परिषद का आयोजन ब्रिटिश हुकूमत ने किया था  !गोलमेज परिषद में आजादी की पूर्व भूमिका में सर्व सम्मत संविधान के मसौदे का निर्माण करना था !ब्रिटिश सरकार ने उसमे ५१२ प्रितिनिधियों को आमंत्रित किया !ये सभी प्रितिनिधि ब्रिटिश सरकार ने ही नामजद किये थे !भारत में ६०० से अधिक छोटी बड़ी रियासतें थी !मुसलमानो के प्रितिनिधि दलितों के प्रितिनिधि आदिवासियों ,ईसाइयों  सिखों हिन्दू संगठनो  और ब्रिटिश सरकार के प्रितिनिधि भी थे !गांधी जी जानते थे कि इस गोलमेज परिषद से कोई समाधान नहीं निकलेगा !इसीलिए कांग्रेस ने अपना कोई भी प्रितिनिधि परिषद में भाग लेने के लिए नामजद नहीं किया था !ब्रिटेन के प्रधान मंत्री मैकडोनाल्ड ने वाईसरॉय इरविन के माध्यम से परिषद में सम्मिलित होने के लिए विशेष निमंत्रण  गांधी जी को भेजा था !तथा वाईसराय पर गांधीजी को मनाकर परिषद में शामिल होने के लिए विशेष आग्रह करने के लिए कहा था! !तब कांग्रेस ने गांधी जी को अपना एकमात्र प्रितिनिधि नियुक्त कर गोल मेज कॉन्फरेंस में भेजा था !जैसी कि पूर्व में ही संभावना थी देश में आतंरिक मतभेदन के कारण गोलमेज बिना किसी परिणाम के समाप्त होगयी थी !वहां भी राजाओं ने ब्रिटिश हुकूमत का ही अपने निजी स्वार्थों के कारण समर्थन किया था !जोधपुरोर जैसलमेर नरेश लालच में आकर अपने राज्यों का विलय पाकिस्तान में करने को तैयार हो गए थे !हैदराबाद का निजाम और भोपाल का तथा जूनागढ़ का नबाब मुसलिम होने के कारण पाकिस्तान में विलय होना चाहते थे !किन्तु इन राज्यों में हिन्दू जनता बहुमत में थी इसीलिए जनता के उग्र विरोध और सरदार पटेल कि कड़ाई और दृढ निश्चय के कारण इन राजाओं को घुटने टेकने पड़े !और अंततोगत्वा भारत में विलय होना पड़ा !यद्द्पि जम्मू कश्मीर के विलय के बारे में जो ववाद है !उसके बारे में लोगों का कहना है कि सरदार पटेल कि बात अगर मानी गयी होती तो संपूर्ण काश्मीर भारत का निर्विवाद हिस्सा होता !

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