Saturday, 22 August 2015

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने अपनी स्थापना के बाद भारत और भारत से बाहर रहने वाले हिन्दुओं में अपनी गहरी पैठ बना ली है !इसके समर्थक सभी महत्त्व पूर्ण छेत्रों में है !इसका एक प्रमुख कारण भारत में हिन्दू धर्म की उपेक्छा और मुसलमानो और ईसाईओं को प्राथमिकता देना है !इस संगठन में बहुत से सेवाभावी निष्पृह गृहत्यागी व्यक्ति भी कार्य रत है !जो राष्ट्रभक्ति से प्रेरित होकर इस संगठन में अपनी सेवायें अर्पित करते हैं !कन्याकुमारी में विवेकानंद केंद्र के संस्थापक एक नाथ रानाडे ऐसे ही एक विरक्त कर्मयोगी थे !ये संगठन हिन्दू धर्म के पुनरत्थान के लिए शिवाजी महाराज की औरंगजेब के खिलाफ रची गयी कूटनीति और नीति का सहारा लेते हैं !इनकी निष्ठा राष्ट्र भक्ति में है ! सत्य अहिंसा आदि में नहीं है !ये राष्ट्र हित के लिए सत्य अहिंसा का प्रयोग नीति के रूप में करते है आदर्श के रूप में नहीं करते हैं !इसी से गांधीजी के ये  घोर विरोधी हैं !गांधी जी सत्य अहिंसा को जीवन मंत्र मान कर आदर्श के रूप में स्वीकार करते थे !बे अहिंसा और सत्य के मार्ग से भारत की आजादी और नए समाज निर्माण के पक्छ में थे !इसीलिए हिन्दू हो या मुसलमान या ईसाई सब की ओर बे न्याय पूर्ण दृष्टि से देखते थे !जिसका संघ विरोध करता था !इसलिए संघ के समर्थक गांधी जी पर मनमाने उल जलूल झूठे मनगढंत आरोप लगाते रहते हैं !यद्द्पि संघ की मुख्य प्रार्थना में महापुरुषों की श्रंखला में गांधी जी का नाम भी है !आज केंद्र में संघ की सरकार है !और एक और संघ है दूसरी और भाजपा विरोधी लगभग सभीराजनैतिक  दल हैं !अब देखना है की आगामी समय में देश संघ की नीतियों का अनुमोदन करता है !जिसमे सर्व धर्म समभाव हिन्दू धर्म को श्रेष्ठ  मान कर है !या कांग्रेस के सर्वधर्म समभाव को स्वीकार करता है जिसमे देश में विद्यमान सभी धर्मों को समानता प्रदान की गयी है !और हिन्दू मुसलिम सिख ईसाई का नारा बुलंद किया गया है !

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