Sunday, 30 August 2015

पाकिस्तान ने १९६५ में भारतीय शक्ति का गलत अनुमान लगाया था !तत्कालीन प्रधान मंत्री एक सौम्य और सरल व्यक्ति थे !किन्तु वह फौलादी इरादे वाले अत्यंत ईमानदार राष्ट्र भक्त  भी थे !इसीलिए भारत ने पाकिस्तानी आक्रमण का उचित जबाब दिया था !और प्रधानमन्त्री के दृढ इरादों और शशक्त नेतृत्त्व और फौज की ताकत ने पाकिस्तान को धूल चटा दी थी !पाकिस्तान सभी मुहानो पर बुरी तरह पराजित हो रहा था !भारतीय फौजों ने अपने भू भाग से तो पाकिस्तान को हटने पर मजबूर कर ही दिया था !पाकिस्तान के बड़े भू भाग पर भारतीय सेना ने कब्ज़ा कर लिया था !अगर भारत संयुक्त राष्ट्र संघ की युद्ध विराम की अपील पर  अमल नहीं करता !तो भारतीय तिरगा लाहोर पर लहरा रहा होता !और भारतीय कश्मीर पर भी भारत का अधिपत्य होजाता जिसे पाकिस्तान अपने कब्जे में किये हुए है !भारत हर बार मित्रता का हाथ पाकिस्तान की गुस्ताखी को माफ़ कर पाकिस्तान की और बढ़ाता है !किन्तु पाकिस्तान भारत के प्रति दुश्मनी का नजरिया नहीं बदलता है !रूस में ताशकंद में पाकिस्तान हिन्दुस्तान का राजीनामा रूस के प्रधान मंत्री की मध्यस्था में हुआ था !ताशकंद समझौते में भारत ने पाकिस्तान के जीते हुए भू भाग को वापिस कर दिया था !किन्तु भारत पाकिस्तान को कश्मीर पर अपना दाबा छोड़ने को तैयार नहीं कर पाया था !ताशकंद समझौते के विरोध में शाश्त्री मंत्रिमंडल के महान राष्ट्रभक्त महाबीर त्यागी ने त्याग पात्र दे दिया था !जो विजय भारतीय सेना ने युद्ध में प्राप्त की थी उस विजय को पाकिस्तान के प्रति मित्रता और सद्भाव के लिए भारत ने पाकिस्तान को अर्पित कर दी थी ! किन्तु पाकिस्तान ने कभी भी भारत की मैत्री ओरसद्भाव का बदला मैत्री से नहीं दिया !आज भी पाकिस्तान भारत को अपना दुश्मन नंबर एक मानता है !और अणुबम से लेकर संपूर्ण सैनिक सज्जा भारत से लड़ने के लिए ही कर रहा है !जबकि भारत ने बांग्लादेश के युद्ध  में पराजित पाकिस्तानी सेना के ९५००० सैनिको को भारतीय सेना के समक्छ आत्मसमपर्ण के बाद भी ससम्मान  बापिस कर दिया था !

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