पाकिस्तान की बुनियाद ही मारकाट और हिंसा से प्रारम्भ हुई थी ! पाकिस्तान के निर्माता मुहम्मद अली जिन्ना ने पाकिस्तान के निर्माण के लिए १६ अगस्त १९४६ को सीधी कार्यवाही घोषित कर दी थी ! इसका अर्थ पत्रकार बार्ता में घोषित करते हुए जिन्ना ने कहा था ! की जब कांग्रेस और ब्रिटिश हुकूमत के पास अपने हत्यार हैं! एक के पास कानूनी बन्दूक है ! और दूसरे के पास सामूहिक संग्राम की धमकी है ! तब मुसलिम लीग को लगता है कि उसके लिए भी अपना बल तैयार करने का और पाकिस्तान की अपनी मांग मनवाने के लिए युद्ध की तैयारी करने का समय आगया है ! जब पत्रकारों ने पूंछा कि यह हिंसक होगी या अहिंसक ? तो जिन्ना ने उत्तर दिया में नीतिशास्त्र की चर्चा नहीं करूँगा ! जिन्ना के दाहिने हाथ नाबाबजादा लियाकत अली खान ने एसोसिएटेड प्रेस ऑफ़ अमेरिका को समझायकि सीधी कार्यबाही का अर्थ है ! अवैधानिक कार्य पद्धयतियोँ का आश्रय लेना !सीधी कार्यबाही का अर्थ है कानून के विरुद्ध कारबाई करना सीधी कार्बाई की चरम सीमा १६ ,१७ ,१८ अगस्त को कलकत्ता में भीषण नरसंघार के रूप में हुई ! १५ अगस्त को आधी रात से मुसलमानो की संगठित टोलियां तरह तरह के हथयार लिए कलकत्ता के मार्गों में घूमती दिखाई दी ! १६ अगस्त की सुबह होते ही मुसलिम लीगी अपने काम में लग गए दोपहर तक शहर के अनेक भागों में साधारण काम काज ठप्प हो गया ! लाठियां भाले और छुरे लिए हुए मुसलिम लीग का एक बड़ा जुलुस हावड़ा से कलकत्ता के लिए रबाना हुआ ! हावड़ा पुल पर एक यूरोपियन सार्जेंट ने जुलूस को रोक दिया ! उनके हथियार छीन लिए !जो घातक अश्त्र और आग लगाने की सामग्री उनसे छीनी गयी थी ! उस से दो ट्रकें भर गयी थी !शाम तक यह दाबानाल सब जगह फेल गया ! अगले दो दिनों में भयानक मारकाट हुई ! कुछ मुहल्लों में लगातार ४० घंटे तक लूट पाट और मारकाट होती रही ! हिंसा की जिस बुनियाद पर पाकिस्तान के भवन का निर्माण हुआ !उस हिंसा की आग से पाकिस्तान अभी भी धूधू जल रहा है !पाकिस्ताम में चरम पंथियों के कारण सिया अहमदिया बोहरा मुसलमान भी सुरक्छित नहीं है !हिन्दू सिख ईसाई तो लगभह नष्ट नाबूद हो गए हैं !जिन १० भूलों की चर्चा पत्रकार नाजिम सेठी ने की है !बे पाकिस्तान की सबसे बड़ी भूल को कैसे छोड़ गए ?!
No comments:
Post a Comment