भारत सरकार को तस्लीमा नसरीन को स्थायी बीजा प्रदान कर देना चाहिए !भारत को धर्म निर्पेक्छ्ता का सबूत पेश करना चाहिए !तसलीमा की पुस्तकों पर से भी प्रितिबंध हटा लेना चाहिए !कट्टरपंथी तसलीमा का विरोध करके उनको अनावशयक महत्ता दे रहे हैं !और इस्लाम में मत भिन्नता के लिए स्थान नहीं है !इसको सिद्ध कर रहे हैं !इस्लाम कोई कांच का गिलास नहीं है !जो तसलीमा आदि की मतभिन्नता के कारण टूट कर बिखर जाएगा !जो कुछ तस्लीमा कह रही है !उसका खंडन इस्लामिक विद्वानो को करना चाहिए !और यदि उसके लेखन से इस्लाम धर्म का अनादर होता है !तो उसके बिरुद्ध सक्छम न्यायालय में कार्यबाही भी की जा सकती है !किन्तु किसी भी स्थिति में कानून अपने हाथ में लेकर उसकी हत्या नहीं की जानी चाहिए !
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