Sunday, 2 August 2015

गंगा सफाई अभियान को मोदी जी की सरकार ने उचच प्राथमिकता  प्रदान  की है !तथा इसकी सफाई के लिए पृथक मंत्रालय का भी गठन किया गया है !किन्तु सफाई का काम जिस मंदगति से चल रहा है  !और गंगा को प्रदूषित करने की प्रक्रिया जिस तीब्र गति से चल रही है !उस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी नाराजगी व्यक्त की है !और भाजपा के बरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने भी कहा है ! कि जिस तरह से गंगा की सफाई का काम चलरहा है  !यदि इसी मंद गति से यह काम चलता रहा तो गंगा की सफाई ५० साल में भी नहीं हो पाएगी !कभी गंगा का जल दुग्ध के समान उज्जवल और स्निग्ध घृत के सामान चमकता था ! वे ही जनपद नगर और गाओं और आश्रम और पर्वत पुण्य की दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ समझे जाते थे ! जिन के बीच से गंगा गुजरती थी ! गंगा जी के जल का सेवन करने से मनुष्य जिस उत्तम गति को प्राप्त करता था ! उस गति की प्राप्ति उसे तपस्या, ब्रह्मचर्य ,यज्ञ अथवा त्याग से भी प्राप्त नहीं होती थी ! गंगा जी के पवित्र जल से स्नान करके जिनका अन्तः करण शुद्ध हो जाता था  !उन पुरुषों के पुण्य कीजैसी बृद्धि होती थी ! बेसी सेकंडो यज्ञ करने से भी नहीं होती थी !आज बे ही गंगामाता सबसे अधिक प्रदूषित है !गंगा जल पीने योग्य नहीं रह गया है !उसमे कीड़े पड़ना लगे हैं !पिछली सरकारें गंगा सफाई के लिए अरबों रूपया खर्च कर चुकी हैं !किन्तु जैसा देश के अधिकारीयों का स्वभाव है !गंगा की सफाई नहीं हो पायी !रुपयों की सफाई जरूर हो गयी !बर्तमान सरकार को सफाई के साथ गंगा में गंदगी रोकने का प्रयत्न प्राथमिकता से करना चाहिए  !और ऐसी स्थायी व्यबस्था का निर्माण भी करना चाहिए कि भविष्य में गंगा प्रदूषित ना हो पाये !

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