Sunday, 23 August 2015

भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकाँश युवा अधिकारी बिलक्छन् प्रतिभा के धनी होते हैं !और बे प्रितिस्पर्धा में अपनी योग्यता  और परिश्रम के आधार पर भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित होते हैं !उनमे देश भक्ति और कर्तव्य निष्ठा का जज्बा होता है !और बे इसी जज्बे के साथ कर्त्तव्य का निर्बहन करना चाहते हैं !किन्तु उनको जिलाधिकारी या पुलिस अधीक्छक के रूप में राजनेताओं का हस्तछेप प्रशासनिक  कार्योँ में झेलना पड़ता है !जो अधिकाँश  राजनेता प्रतिस्पर्धा में क्लेर्क की भी नौकरी नहीं पा सकते  हैं ! बे ही जनता के द्वारा निर्बाचित होकर इन आला अधिकारियोँ पर शासन करते हैं !इनमे अधिकाँश राजनेता गंभीर अपराधों के आरोपी अपराधी भी होते हैं !जिनको अधिकारियोँ को सलूट करना पड़ता है !और उनके अवैधानिक आदेशों का पालन भी करना पड़ता है !परिणाम स्वरुप अच्छे अधिकारी या तो जनता से जुड़े हुए महकमों के अधिकारी बनाये ही नहीं जाते हैं !और जो अधिकारी नेताओं के आशीर्वाद और संरक्छण से जिलाधीश पुलिस अधिक्छक या इनसे  अधिक महत्त्व पूर्ण पदो पर बैठते हैं !बे भी समय के साथ नेताओं की हाँ में हाँ मिलाने वाले हो जाते हैं !और खुद भी भ्रष्टाचार में आकंठ डूब जाते हैं !सभी प्रशासनिक अधिकारियोँ के अधिकार समान होते हैं !किन्तु जब इस प्रकार के अधिकारी कर्त्तव्य निष्ठा से अपने कर्तव्योँ का निर्बहन करते हैं !तब अधीनस्थ पुलिस वालों में भी कर्त्तव्य निष्ठा जाग्रत हो जाती है !इस कर्त्तव्य निष्ठ पुलिस अधिकारी से अन्य अधिकारियों को भी प्रेरणा ग्रहण करना चाहिए !और सत्ताधारी राजनेताओं को भी अपने स्वार्थों को त्याग कर ऐसे ही कर्तव्य निष्ठ अधिकारियों के हाथ में प्रशासन की बाग़ डोर सौपना चाहिए !

No comments:

Post a Comment