Thursday, 27 August 2015

आबादी के जो आंकड़े धार्मिक आधार पर प्रकाशित हुए है !उनकी गड़ना का प्रारम्भ मेरी समझ में मोदी जी की सरकार के समय नहीं हुआ !इसीलिए इसके ये अर्थ निकालने की चेस्टा नहीं करनी चाहिए कि ये सरकार की चाल है !और सरकार हिन्दुओं का ध्रुवीकरण करना चाहती है !सभी राजनैतिक विश्लेष्शकों को जमीनी हकीकत पर भी ध्यान देना चाहिए !हिन्दू मुसलमानो के मध्य मधुर सम्बन्ध है यह भी सही है !किन्तु जब हिन्दू मुसलिम का सबाल खड़ा हो जाता है !तो हिन्दू मुसलमान अलग अलग हिन्दू मुसलिम खेमों में बटा दिखाई देता है ! यही कारण है कि अलग पाकिस्तान बन जाने के बाद भी छोटी सी घटना भी हिन्दू मुसलमानो में दंगो के रूप में बदल जाती है !हिन्दुस्तान में सभी धर्मों के लोग रहते हैं !फिर ये दंगे ज्यादातर हिन्दुओं और मुसलमानो में ही क्योँ होते है ? मुसलमान  परिवारनियोजन को स्वीकार नहीं करता है !और यह कोई भी किसी शहर या कसबे में जाकर खुली आँख से देख सकता है !कि
 मुसलमानो के अन्य धर्मवालों के अनुपात में अधिक बच्चे होते हैं !किन्तु इस समय यह प्रश्न अत्यंत महत्त्व पूर्ण नहीं है !महत्त्व पूर्ण प्रश्न आबादी बृद्धि का है !आबादी में बढ़त्तरी किसी भी धर्म की हो उसको नियंत्रण में करना देश हित में आवशयक है !इस धार्मिक जन गड़ना के परिणाम को इसी दृष्टि से देखने की जरुरत है !सरकार कोकड़े कानून बनाकर आबादी बृद्धि को रोकना चाहिए !इसको राजनैतिक रंग देने की आवश्यकता नहीं है !

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