महाभारत ग्रन्थ के बारे में यह कहना कि इसको घर में रखना अशुभ है !और भगवान श्री कृष्णा चक्र हाथ में लेकर भीष्म पितामह की और जा रहे हैं !इस चित्र को घर में नहीं लगाना चाहिए !इस से झगडे का माहौल घर में बनसकता है !इसीलिए यह चित्र अशुभ है !ये जान बूझकर वैदिक संस्कृति के आध्यात्मिक और भौतिक लाभ से वंचितकरने के लिए निर्माण किया हुआ षड्यंत्र है !इस कारण से लोग इस महान आध्यात्मिक ग्रन्थ में उपदिष्ट समाज शास्त्र ,अर्थशास्त्र ,धर्म शास्त्र और मोक्छ शास्त्र के ज्ञान से वंचित हो गए हैं !व्यासदेव ने कहा है !कि जो ज्ञान विज्ञानं महाभारत में है वही अन्यत्र भी है !जो इसमें नहीं है वह कहीं भी नहीं है !भारतीय अध्यात्म का अनमोल आध्यात्मिक ग्रन्थ गीताशास्त्र भी महाभारत में हैं !विष्णु सहस्त्रनाम और भीष्मस्तव राज भी महाभारत में ही है !जिसका पाठ भक्तगण करके भोग और मोक्छ प्राप्त करते हैं !इसके अतिरिक्त महाभारत बहुविध आध्यात्मिक साधनाएं और अनेकों परमात्मा के पूजन के भी विधान है !इसे पंचम वेद कहा गया है !इसके बाद भी इस ग्रन्थ को घर में नहीं रखना चाहिए !यह कथन युक्ति और धर्म के विरुद्ध है !आप भी बहुत से महाभारत के प्रसंग पोस्ट करते रहते हैं !उनके पोस्ट करने में आपका क्या मंतव्य होता है !कहनही सकते हैं !किन्तु आपके द्वारा पोस्ट किये हुए कथानकों पर जब कुछ कमेंट किया जाता है !जो महाभारत के तो अनुकूल होता है !किन्तु आपकी समझ के प्रितिकूल होता है !उसे आप पब्लिश नहीं करते हैं !हो सकता है यह आपकी पालिसी हो !किन्तु महभारत के बारे में इस तरह से लिखना यह उचित नहीं है !
No comments:
Post a Comment