गांधीजी ने कांग्रेस का संबिधान बनाया था उन पर भी उनके विरोधी अनेक मनगढ़ंत
आरोप उनके जीवन काल में लगाते थे और यह सिलसिला आज भी जारी है किन्तु
गांधी जी आरोपों का खंडन ना तो खुद करते थे और ना किसी को करने देते थे
उनका तेज इतना प्रखर था कि उनके जीवन काल में और आज भी उनके विरोधिओं को
छोड़ कर कोई भी विश्वास नहीं करता है और उनकी कीर्ती विश्वव्यापी होती जा
रही है कांग्रेस पार्टी ने भी कभी आरोपों का खंडन नहीं किया और चुप चाप
आरोपों को झेलती रही परिणाम यह हुआ कि देश को मजबूत आर्थिक
आधार और विश्व में भारत को प्रितिष्ठा दिलाने के बाद भी बिपक्षिओं के झठे
और मनगढ़ंत आरोपों का खंडन ना करने के कारण कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गयी
अब तो झूठ बोलने वालों में चुनाबी संघर्श होना है एक और प्रितिपल बदलने
वाले असत्मय जीवन जी कर सत्य का स्तुतिगान करने वाले केजरीवाल है और दूसरी
और कांग्रेस पर मनगढ़ंत आरोप लगाकर केंद्र में सत्तानशीन दल भाजपा है और
कांग्रेस सत्ताप्राप्ति की जंग से बाहर है यह चुनाव दो आदर्शवाद की बात
करने वाले दलों आमआदमी पार्टी और बीजेपी के मध्य हो रहा है देखते किसको
सफलता मिलती है ?
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