हनुमान जी जब सीता माता की खोज में लंका गए थे !तब उन्हें सारी लंका में एक घर दिखाई दिया जिस पर राम नाम लिखा हुआ था !उस गृह को देखकर हनुमान जी ने कहा ---लंका निश्चर निकर निबासा !यहाँ कहाँ सज्जन कर बासा ! वह घर बिभीषण का था !जब उसने रावण को सही सलाह दी थी !तो उसको रावण ने लात मार कर लंका से बाहर भगा दिया था !किन्तु बाद में उस त्याग के कारण उसे लंका का राज्य प्राप्त हुआ था !इस समय देश में ईमानदारी रूपी सीता का भ्रष्टाचार के रावणो द्वारा हरण कर लिया गया है !और जो भी भ्रष्टाचार का विरोध करेगा उसे भ्रष्टाचार केरावणो की लात खानी ही पड़ेगी !गुलाब सिंह भी फुट बाल की तरह लतियाये जा रहे हैं !भले ही उनको इस कारण तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हो !यह भी संभव है कि परेशानियों का यह सिलसिला आगे भी जारी रहे !बे ईमानदारी की कीमत उसीप्रकार चुकारहे हैं !जैसे धर्मपत्नी गरीबी और कठिनाई में भी पति साथ नहीं छोड़ती है !गुलाब सिंह का नाम उन चन्द लोगों में आदरयुक्त चर्चा का विषय बना रहेगा !जो भ्रष्टाचार के विरोधी है !वैसे इस समय बहुत से कानूनी प्रावधान है !जिनका उपयोग कर बेतन ना मिलने आदि की समस्या से बे मुक्त हो सकते हैं !इसीलिए उनको वैधानिक प्रक्रिया से अपनी समस्यायों का हल खोजना चाहिए !
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