Wednesday, 25 November 2015

क्या भारत तालिबान या इस्लामिक संगठन बन ने की और गति कर रहा है ? क्या आमिर को मुसलमान होने के नाते अगर कुछ उनकी समझ में ठीक नहीं लगता है ! तो उस पर विचार व्यक्त  करने का अधिकार नहीं है? अगर आमिर ने अपनी पत्नी की कही हुई असुरक्छा की बात कह दी तो बहुत बढ़ा अपराध होगया !ये लोग .चैनल और समाचार पत्र इसको इतना तूल क्योँ दे रहे हैं !इस एक छोटे से व्यान ने आमिर की सारी राष्ट्रीयता और राष्ट्र भक्ति  को भुला दिया है !अगर मुसलमानो के साथ इस तरह का वर्ताव किया जाएगा !तो फिर भारत की वैदिक धर्म की विचार स्वातंत्र्य की चिर पोषित संस्कृति का क्या होगा ?इस देश में विचार का विरोध हमेशा विचार से ही हुआ है !तलबार से नहीं !भगवान श्री कृष्ण को शिशुपाल ने भरी सभा में गालियां दी थी !और आज भी बहुत से कवि शिशुपाल की प्रससा में गीत गाते हैं !यहाँ महाभारत काल में चार्बाक नामक ऋषि था जो पुनर्जन्म और आत्मा को नहीं मानता था !महाभारत में वेद व्यास ने भी वेदों को संपूर्ण ज्ञान का आदि श्रोत ना मानने वालों का भी उदहारण दिया है !भारत में सभी प्रकार के आस्तिक और नास्तिक विचारों का बाहुल्य रहा है !यहाँ विरोध का समाधान शाश्त्रार्थ से होता था !किसी विराधी विचार को व्यक्त करने वाले का सर कलम नहीं किया जाता था !और न ही इस देश में कभी भी ईशनिंदा जैसा क्रूर कानून रहा है !वैदिक धर्म को इस रूप में प्रस्तुत करने का प्रयत्न करना जिसमे विरोधी विचार को सुनने और समझने का अवसर ही समाप्त हो जाए उचित नहीं है !जिस प्रकार के विचार आमिर के व्यान के विरुद्ध आये हैं !उस से तो आमिर के कथन की सत्यता की ही पुष्टि होती है !इसलिए मेहरबानी करके वैदिक धर्म को इस रूप में प्रस्तुत न करें जिस से उसका रूप विकृत हो जाय ! वैदिक धर्म संस्कृति पालन करें ! अपने आचरण में उसके मूल तत्त्व उतारें !किन्तु उसको कांच का गिलास ना बनायें कि वह विरोधी विचार के पत्थर से टूट कर बिखर जाए !विश्व के सामने क्रूर और हिंसक गतिविधियों के विरुद्ध अहिंसा प्रेम करुणा आदि को प्रस्तुत करने का यह सुनहरा अवसर सभी धर्मों को प्राप्त हुआ है !इन सनातन सिधान्तो को सिद्ध करने का ये उपयुक्त समय है !इन्ही सनातन सिधान्तो पर सनातन धर्म टिका हुआ है !और इन्ही को गांधीजी j और विनोबा भावे आदि ने अपने जीवन में उतारा था !और इन्ही को बढ़ाने का अवसर हम सबको प्राप्त है !

No comments:

Post a Comment