पेरिस में आतंकवादी हमला और भारत में बढ़ता हुआ धार्मिक उन्माद ------यद्द्पि इन दोनों में कोई सामंजस्य नहीं है !किन्तु धार्मिक उन्माद और क्रूरता के उत्पन्न करने वाले और उसको समग्र विश्व में विस्तार देने वाली बृत्ति और सोच से भारत भी मुक्त नहीं है !मुम्बई समेत देश के अनेक भागोंमे पाकिस्तान के द्वारा प्रायोजित संरक्छित और रचित अनेक आत्तंकवादी हमले भारत पर हो चुके हैं ! और आज भी हो रहे हैं !इसमें देश के भी कुछ लोग शामिल पाये गए हैं !और जेलों में बंद है !इस धार्मिक उन्माद का प्रभाव उत्तरप्रदेश में अधिक दिखाई देरहा है !अलीगढ में इसी उन्माद का शिकार गौरव का परिवार हुआ ! और और उसकी मृत्यु हो गयी !तथा उसके परिवार की आर्थिक छति भी हुई !राज्य सरकार ने गौरव की मृत्यु पर १० लाख रूपए का चेक देने की कोशिश की जिसको गौरव के परिवार ने यह कहकर लेने से इंकार कर दिया कई उसे और उसके परिवार की उसी प्रकार की मदद दी जाय जो अख्लाख़ की मृत्यु पर उसके परिवार को दी गयी थी !इस बात पर विचार किया जाना चाहिए कि धार्मिक उन्माद की शुरुआत कैसे होती है !और उसको विकसित कौन करता है ? !मेरी समझ में इसका जन्म भारत के संविधान का अनादर और उसमे राष्ट्रीय एकता के लिए वर्णित वैधानिक कानूनों का पालन ना करने के कारण धार्मिक उन्माद का जन्म होता है !और फिर राजनेता उसका विकास और विस्तार करते हैं !संविधान चाहता है !कि भारत में रहने वाले सभी लोग जिस प्रकार से सभी नदियां और नाले अपने रूप और नाम को खो कर समुद्र में मिलकर समुद्र बन जाते हैं !उसी प्रकार भारत के सभी धर्म भारत रूपी राष्ट्र के रूप में सिर्फ भारतीय बन जाएँ !और अपनी धार्मिक अस्मिता और जातिगत भावनाओ को विधान के पालन में वाधा नहीं बन ने दे !यदि धार्मिक कटटरता के कारण जमीन पर इसका पालन न हो तो सरकार इसका पालन ईमानदारी से कराये !जमीन पर तो इसका पालन हो नहीं रहा है !इसका प्रमाण देश में लगातार होने वाली घटनाएँ है !और सरकारें भी इस धार्मिक उन्माद को विस्तार देने में लगी हुई हैं !कुछ सरकारें हिन्दू समर्थक है !तो कुछ मुसलिम समर्थक !दादरी में अखलाख की हत्या हुई !तो राजनेताओं और तथाकथित बुद्धि जीवियों ने इसको धार्मिक उन्माद का ऐसा रूप प्रदान किया कि अनेक पुरुष्कार प्राप्त लोगों ने अपने पुरूष्कार लौटा दिए !और राज्य सरकार ने भी अखलाख के परिवार पर आर्थिक सहायता की मदद की बौछार कर दी !और अभी एक उत्साही सज्जन २५ नवम्बर से अखलाख के निवास से दिल्ली तक पीस मार्च निकालने वाले है !किन्तु ना सरकारों ने और ना बुद्धि जीवियों ने इस तथ्य पर विचार किया कि अखलाख की हत्या अपराधिक बृत्ति के धार्मिक लोगों के द्वारा किया गया गंभीर अपराध था !दादरी गाओं के लोगों या हिन्दुओं का इसमें कोई हाथ नहीं था !यह एक धार्मिक पागलपन से ग्रस्त कुछ लोगों के द्वारा की गयी घटना थी !और हत्यारे गिरफ्तार कर लिए गए हैं !और उन पर अपराध सिद्ध होने पर उन्हें दण्डित भी किया जायेगा !उसी प्रकार से जो अलीगढ में घटना घटी है !उसमे मुसलमानो की कोई सक्रियता नहीं है !यह घटना भी धार्मिक उन्माद से ग्रस्त कुछ अपराधी किस्म के मुसलमानो ने की है !और उनको भी कानून के अनुसार दण्डित किया जाएगा !किन्तु सरकारें और बुद्धि जीवी इन घटनाओं को हिन्दू मुसलिम से जोड़ देती हैं !और उनका निस्तारण इसी रूप में करती हैं !और हिन्दू मुसलिम भेद भाव को बढाकर धार्मिक उन्माद का पोषण करती हैं १यहि कारण है की अब गौरव का परिवार भी राजयसरकार से वही मांग कर रहा है !जो अखलाख के परिवार को दी गयी थी !
No comments:
Post a Comment