Tuesday, 10 November 2015

दीपावली मूलरूप से तो भगवान श्री राम के द्वारा  दुष्टों के विनाश के बाद बनवास से अयोध्या आने पर मनाई गयी थी !वैदिक काल गढ़ना के हिसाब से भगवान श्री राम का अवतरण त्रेता युग में आज से लगभग ९ लाख बरष पूर्व हुआ था !इस काल खंड के बीच  में बहुत सी अन्य घटनाएं भी दीपावली मनाने का कारण बनगई! अब  दीपावली के मनाने का स्वरुप भी तीब्र गति से नया रूप ग्रहण कर रहा है !काल के उलट फेर से भारत का विभाजन हो गया !और पाकिस्तान का जन्म हो गया !तथा यह मुसलिम राष्ट्र बन गया !इस देश में जो अल्पसंख्यक हिन्दू समुदाय है !उसे अब दीपबाली का उत्सव मनाने की वह स्वतंत्रता प्राप्त नहीं रही जो प्राचीन अविभाजित भारत में थी !भारत में भी अब मिटटी के दीयों के स्थान पर बिजली के बल्व आगये हैं !पारम्परिक मिष्ठानों गुलाब जामुन इमरती पेड़ा कलाकंद बालूशाही बसातफेनी आदि के स्थानो पर अब चॉक्लेट और ड्राई फ्रुइट्स का प्रयोग होना शुरू हो गया है !भारत के पारम्परिक मिष्ठान दूध घी से निर्मित होते थे !अब दूध देने वाले पशुओं का अभाव होता जा रहा है !बढ़ी मात्रा में कतलखाने देश में खुल गए हैं !भारत गाय आदि दूध देने वाले पशुओं के मास का सबसे बड़ा निर्यातक देश बन गया है !भारत में भी गाय के मास खाने वालों की संख्या असाधारण रूप से बढ़ी है !बाजारों में नकली घी दूध मक्खन पनीर भारी मात्रा में उपलब्ध हो रहा है !इसलिए मिलाबट  के कारण अब धनी लोग ड्राई फ्रूट्स का प्रयोग करने लगे हैं !भारत में जो विकास हुआ है !उसमे कुछ खास बर्गों के पास अकूत धन संपत्ति इकट्ठी हो गयी है !और अधिकाँश देश की जनता गरीवी और भुखमरी की शिकार है !इसीलिए उनके लिए दीपावली आम दिनों की तरह ही है !किन्तु जिनके पास धन संपत्ति है !बे दीपावली का त्यौहार भव्यता के साथ मनाते हैं !और अपना नाम रोशन करने के लिए समाचार पत्रों में टेलेविज़न चैनल्स में दीपावली के शुभ सन्देश भी प्रसारित करते हैं !किन्तु यही बे लोग हैं जो आम आदमी की दीपावली के विनाशक हैं !दीपावली सबके लिए आनंद दायक और हर्ष प्रदान करने वाली बने इसके लिए फिर से अभाव ग्रस्त  जनसमूह से अनेक श्री राम जन्म लें जो इन संख्या में कम किन्तु सार्वजानिक संपत्ति पर काबिज लोगों  से संपत्ति और समृद्धि आम जान तक पहुंचा सकें !!

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