Friday, 20 November 2015

सोशल मीडिया पर मोदीजी के समर्थंको द्वारा राजनैतिक विरोधियों विशेष कर नेहरूजी और उनके परिवार पर तथा  कांग्रेस पर आरोपों की बौछार ------
-------- जब से भाजपा की केंद्र में मोदीजी के नेतृत्त्व में भाजपा की सरकार बनी है !तब से महात्मा गांधी ,जवाहरलाल नेहरू तथा उनके परिवार और धर्म निर्पेक्छ्ता आदि पर शव्दिक हमले तीब्र हो गए हैं !इन हमलों में शव्दों की मर्यादा समाप्त हो गयी है ! आरोपण भद्दी गलियों से किया जा रहा है !मोदी समर्थक अपने इस व्योहार से भाजपा को बहुत नुकसान पहुंचा रहे हैं !और भाजपा को सत्ता में बने रहने के सभी दरबाजे बंद कर रहे हैं !अगर ये लोग अपने आचरण से  इसी प्रकार के व्योहार करते रहे तो केंद्र में भाजपा की सरकार ५ साल भी नहीं चल पाएगी !मोदीजी के नेतृत्त्व में भाजपा की सरकार का गठन उनके द्वारा लोक लुभावने वायदों के आधार पर हुआ है !इसमें जनता को परेशान करने वाले दो मुद्दे महत्त्व पूर्ण हैं !(१) भ्रष्टाचार (२) महगाई ! केंद्र में भ्रष्टाचार नियंत्रित हुआ है !किन्तु भाजपा की राज्य सरकारें भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई हैं !भाजपा के मुख्यमंत्री, मंत्री ,पदाधिकारी सभी पर भ्रष्टाचारों के गंभीर आरोप हैं !महगाई में बहुत अधिक बृद्धि हुई है !भाजपा हिन्दू धर्म की बात करती है !इसीलिए इसको हिन्दू धर्म के आदर्शों का पालन करना चाहिए !धर्म के पालन के लिए आचरण की पवित्रता और शुचिता की बहुत आवश्यकता होती है !कोई भी व्यक्ति जिसका आचरण लोभ लालच और भौतिक संपत्ति और साधनो के अवैधानिक संग्रह में लगा हुआ है धार्मिक नहीं हो सकता है !कर्त्तव्य निष्ठा धार्मिक व्यक्ति की प्रथम पहचान है !और दूसरों की निंदा करने वाला व्यक्ति तो स्वप्न में भी धार्मिक नहीं हो सकता है !अगर मोदीजी के समर्थक धर्मनिरपेक्छ्ता के विरोधी हैं !तो कम से कम उन्हें महाभारत में व्यक्त किये गए व्यास जी के इन वचनो का अवश्य पालन करने का प्रयत्न करना चाहिए !
(१)जैसे फूलों के संसर्ग में रहने पर उनकी सुगंध वस्त्र ,जल ,तिल  और भूमि को भी सुभासित कर देती है उसी पर प्रकार श्रेष्ठ धार्मिक पुरुषों के संसर्ग से ये  गुण भी प्राप्त हो जाते हैं
(२)मूढ़, ,गाली गलौज और मनगढंत झूठे आरोप लगाने वाले लोगों से मिलंने जुलने से मोह जाल की उत्पत्ति होती है ! और साधु पुरुषों के संग से धर्म की प्राप्ति होती है इसीलिए विद्वानो ज्ञान बृद्ध पुरुषों  तथा उत्तम स्वभाव वाले शांतिपरायण तपस्वी सत्पुरुषों का हमेशा संग करना चाहिए जिन पुरुषों का ज्ञान विद्या ,और आचरण ये तीनो उज्जवल हों उनका संग करना चाहिए क्योंकि उन महापुरुषों का साथ शाश्त्रों से भी बढ़कर है
(३)दुष्ट मनुष्यों के दर्शन ,स्पर्श ,उनके साथ वार्तालाप अथवा उठने बैठने से धार्मिक आचरणों की हानि होती है ! इसीलिए ऐसे मनुष्यों को कभी भी धर्म की प्राप्ति नहीं होती है ! और न ही बे धार्मिक होते हैं 
(४)नीच पुरुषों का साथ करने से मनुष्यों की बुद्धि नष्ट होती है ! मध्यम श्रेणी के मनुष्यों का साथ करने से मध्यम होती है ! और उत्तम पुरुषों का संग करने से उत्तरोत्तर श्रेष्ठ होती है !
(५)ये सभी गुण पृथक पृथक और एक साथ सभी श्रेष्ठ धर्म परायण लोगों में विद्यमान होते हैं !
-----इसीलिए भाजपा सत्तासे बाहर हो जायेगी इसकी चिंता नहीं है !किन्तु आपके आचरण से हिन्दू धर्म की हानि होगी इसकी चिंता है !आप पर  दोहरी जिम्मेदारी है !(१)सत्ता की (२)और धार्मिक आचरण की !इसीलिए अपने आचरण को शुद्ध पवित्र  करो और इसको अपने विरोधियों की निंदा से मुक्त करके रचनात्मक कार्यों में लगाओ !

No comments:

Post a Comment