Sunday, 8 November 2015

जो लोग पुरुष्कार लौटा रहे हैं !उनका पुरुष्कार लौटाने में क्या मंतव्य है !इस पर भाजपा के समर्थक और विरोधी अपने अपने ढंग से विरोध और समर्थन कर रहे हैं !मीडिया भी इस मामले में निष्पक्छ नहीं है !कुछ समाचार पत्र और चॅनेल्स भाजपा के समर्थक है !और कुछ विरोधी हैं !इसीलिए बे भी सही तथ्यात्मक दृष्टि प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं !ये यहाँ जो कमल हासन गांधी जी का उदाहरण देकर अपना विरोध  पुरुष्कार लौटने वाले लोगों के विरुद्ध रख रहे हैं !उसमे गांधी जी के नाम का इस्तेमाल गांधी जी के बारे में अधूरी जानकारी होने के कारण कर रहे हैं !गांधी जी पर १९२८ में राज्य द्रोह का मुकदद्मा चला था !जिसमे उनकी सजा हुई थी !परिणाम स्वरुप उनकी बैरिस्टर की डिग्री इनर टेम्पल ऑफ़ लॉ लंदन ने जब्त कर ली थी !उकत डिग्री गांधी जी की १९४८ में हत्या के बाद !१९८८ में इनर टेम्पल  ऑफ़ लॉ लंदन की एकेडेमिक काउंसल ने सम्मान स्वरुप वापिस कर दी थी !इसीलिए गांधी जी का गलत उदाहरण देकर अपनी बात को सिद्ध करना उचित नहीं है !नरेंद्र मोदी  के केंद्र में सत्ता में आते ही !गांधी जी को गलत ढंग से प्रस्तुत करने का सिलसिला बढ़ी तेज गति से प्रारम्भ होकर चल रहा है !कभी ये लोग गांधी जी को राष्ट्र के दुश्मन के रूप में प्रस्तुत करते हैं !और कभी अपने राजनैतिक लाभ के लिए उनको अपने मत के समर्थन में प्रस्तुत करते हैं !इन दोनों प्रकार के झूठों से विश्व वन्दित गांधी जी को दूर रखना चाहिए !

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