गांधी कथा ------हिनुस्तानियों पर अत्याचार (१) ------ साउथ अप्रीका के नेटाल,सहित दूसरे उपनिवेशों में भी हिन्दुस्तानियों के प्रति गोरों द्वारा लगातार अत्याचार किये जा रहे थे ! गोरे अंग्रेजों को सिर्फ गुलामों की जरुरत थी इसीलिए बे हिन्दुस्तानियों को गुलामों की तरह ही रखना चाहते थे और उनके साथ गुलामों की तरह ही व्योहार करते थे! इसिलए जो गिरमिटिया मजदूर गिरमिट की अवधि पूरी करके स्वतंत्र हो गए थे बे गोर अंग्रेजों को बर्दास्त नहीं होते थे ! इसीलिए बे हिन्दुस्तानियों के खेती या साग सब्जी या छोटा मोटा व्यापार करने या जमीन खरीदने का विरोध करते थे !गोरों के एक वर्ग ने यह मांग की थी ! ,कि गिरमिट से मुक्त होने वाले मजदूरों को वापिस हिन्दुस्तान भेज दिया जाय !दूसरे बर्ग के गोरों का कहना था कि गिरमिट से मुक्त होने वाले मजदूर अगर फिर से गिरमिट में दाखिल होना चाहें तो उनसे भारी प्रवेश कर लिया जाय ! इन दोनों बर्गों का एक ही उद्देश्य था कि किसी भी युकति से गिरमिट से मुक्त हिन्दुस्तानी मजदूरों को साउथ अफ्रीका में स्वतंत्रता से रहना सर्वथा असम्भव कर दिया जाय ! नेटाल की गोरी सरकार गोरों की हिमायती थी !इसिलए उसने भारत सरकार से यह मांग की कि प्रत्येक गिरमिट मुक्त हिन्दुस्तानी से २५ पोंड अर्थात ३७५ रुपया का वार्षिक कर लगाया जाय !कोई भी हिन्दुस्तानी मजदूर इतना भारी कर भर नहीं सकता था इसीलिए वह स्वतंत्र होकर नेटाल में रह नहीं सकता था !भारत सरकार ने ३ पोंड का वार्षिक कर स्वीकार किया गिरमिटिया मजदूर की कमाई के हिसाब से यह तीन पोंड का कर उसकी ६ महीने की कमाई के बराबर होता था यह कर मजदूर पर ही नहीं लगाया गया था उसकी पत्नी और १३ साल या उससे अधिक उम्र की लड़की और १६ साल या उस से अधिक लडके पर भी लगाया गया था ! इस तरह हरेक मजदूर को १२ पोंड का वार्षिक कर भरना था !जो व्योहार गिरमिटिया मजदूरों के साथ किया गया वही स्वतंत्र हिंदुातानियों के साथ भी किया गया था !नेटाल के गोरे व्यापारियों ने हिंदुस्तानी व्यापारियों के खिलाफ आंदोलन शुरू करदीया ! हिन्दुस्तानी व्योपारी नेटाल में अच्छी तरह जम गए थे उन्होंने शहर के अच्छे हिस्सों में में जमीनें खरीद ली थी हिन्दुस्तानी व्योपारी अच्छा मुनाफा कमा रहे थे ! उस समय नेटाल की आबादी का अनुपात लगभग इस प्रकारथा--- 4लाख हब्शी ,४० हजार गोरे,६० हजार गिरमिटिया मजदूर ,१० हजार गिरमिट मुक्त हिन्दुस्तानी और १० हजार स्वतंत्र हिन्दुस्तानी !गोरों ने नेटाल की धारा सभा में कानून पास करा कर हिन्दुस्तानियों के व्यापार पर कड़ा अंकुश लगा दिया ! और दूसरे कानून से हिन्दुस्तानियो के नेटाल में प्रवेश के कानून को और अधिक कड़ा कर दिया गया !इसके अलावा नेटाल में गिरमिटिया हिन्दुस्तानियों तथा स्वतंत्र हिन्दुस्तानियों पर दूसरे भेी कानूनी और अवैधानिक प्रतिबन्ध लगे हुए थे !
No comments:
Post a Comment