गांधी कथा ---- गांधी जी पर भारत से लौटने पर हुआ जान लेवा हमला --------- हिन्दुस्तान में साउथ अफ्रीका के हिन्दुस्तानियों की स्थिति के बारे में गांधीजी ने जो सत्य वर्णन किया था ! ,उसने बड़ा महत्त्व ग्रहण कर लिया था !हिंदुस्तान के प्रमुख समाचार पत्रों ने उस पर टिप्पड़ियाँ लिखी थी !इस पर नेटाल के गोर गांधी जी के विरुद्ध बहुत नाराज हो गए थे !जब गांधी जी अपने परिवार के साथ कुरु लैंड जहाज से नेटाल बन्दर गाह पर पहुंचे और नादरी जहाज से भारत के अन्य ८०० मुसाफिर पहुंचे ! तो गोरों ने चेताबनियां भिजबाईं की यदि गांधी जी और हिन्दुस्तानी मुसाफिर जहाजों से उतरने का प्रयत्न करेंगे तो उनको समुद्र में फेंक दिया जाएगा ! इसिलए जहाजों को २३ दिनों तक बन्दर गाह के अंदर प्रवेश नहीं करने दियागया !जब २३ दिन बाद प्रतिबन्ध हटा तब जहाजों को बन्दर गाह के अंदर आने की इजाजत मिली !गांधी जी से कहा गया की बे जहाज से ना उतरें !शाम को पुलिस सुपरिंडेंट की अभिरकछा में उनको उतारा जाएगा !परन्तु गांधीजी का परिवार उतर सकता है !गांधीजी ने अपने बच्चों और पत्नी को डरबन के प्रसिद्ध व्योपारी पारसी रुस्तम जी के यहाँ भेज दिया !जहाज पर डरबन के प्रसिद्ध वकील लाटन गांधी जी के पास आये !उनके साथ गांधीजी भी जहाज से उतर गए ! !बे जहाज से उतरे ही थे कि कुछ गोरे लड़कों ने उन्हें देख लिया ! लड़कों ने गांधीजी को तुरत पहचान लिया बे गांधी ,गांधी ,कहकर चिल्लाए इसको मारो!कुछ लड़कों ने गांधीजी पर कंकड़ पत्थर फेंके !धीरे धीरे हमला करने वालों की भीड़ बढ़ने लगी ! जैसे ही गांधी जी आगे बढ़ते गए बेसे बेसे गोरों की भीड़ भी बढ़ती गयी !और सेकंडों गोरे इकट्ठे हो गए गांधीजी पर गालियों और पत्थरों की बरसात होने लगी गांधी जी की पगड़ी नीचे गिर गयी ! एक गोरे ने गांधीजी को थप्पड़ मारा,एक लात मारी ! गांधी जी चक्कर खाकर जमीन पर गिर गए ! इतने में पुलिस सुपरिंडेंट की पत्नी गांधी जी के सामने से निकली वह गांधी जी को पहचान गयी उसने गांधी जी को अपनी सुरक्छा में ले लिया !गांधी जी पर हो रहे हमले का पता पुलिस सुपरिंडेंट को भी हो गया ! उन्होंने गांधी जी की रक्छा के लिए पुलिस भेज दी !उसकी रक्छा में गांधी जी सहीसलामत रुस्तम जी के घर पहुँच गए !रुस्तमजी के मकान के सामने हजारों गोरे इकट्ठे हो गए उन गोरों ने रुस्तमजी से कहा गांधी को हमारे हवाले कर दो !अगर गांधी जी को हमारे हवाले नहीं करोगे तो हम गांधी जी के साथ तुम्हें भी मार डालेंगे और तुम्हारी दुकान को भी आग लगा देंगे !पुलिस सुपरिंडेंट रुस्तम जीके घर पहुँच गए और उन्होंने मकान को पुलिस के कब्जे में ले लिया और गांधी जी सेकहा की बे हिन्दुस्तानी व्योपारी का बेश बना लें !गांधी जी बड़ी मुश्किल से रुस्तम जी के घर से सुरक्छित जान बचा कर निकल सके थे !
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