Wednesday, 15 June 2016

बिना जाने समझे और बिना पढ़े महापुरुषों की निंदा करना ऐसा ही है जैसे बिना तैरना जाने गहरे जल में प्रवेश करना !तैरना ना जानने वाला अपने जीवन को खतरे में डालता  है !किन्तु  बिना जाने महापुरुषों की  अपने अज्ञान और अल्पज्ञान के कारण निंदा करने वाला  थोड़ी बहुत मात्रा में सामाजिक जीवन में बिघ्न उत्पन्न करने में सफल हो सकते h हैं !किन्तु यह कुहरा भी सूर्य के प्रकाश से छट  जाता है !बहुत से अज्ञानी और ना समझ  लोग जो अहिंसा की शक्ति से अपरिचित हैं !और जिन्हे अहिंसा की शस्त्र शक्ति से भी अधिक शक्ति का बोध नहीं है ! बे अहिंसा का अर्थ बुजदिली और कायरता करते हैं !भारत के ऋषियों के आश्रमों के आस पास हिंसक सिंह भी अहिंसक भाव को प्राप्त हो जाता था !और आस पास विचरण करने वाले पशुओं का शिकार नहीं करता था !सारे ऋषि मुनि ,और सत्ता त्यागकर बनवासी जीवन सन्यासी के रूप में रहने वाले सम्राट भी हिंसक जानवरों और जहरीले सर्पों के बीच में इसी अहिंसक शक्ति के बल पर निर्बिघ्न होकर जंगल में आध्यात्मिक साधना करते थे !राजा विश्वा मित्र  का  महर्षि वशिष्ठ के आश्रम से नंदिनी गाय के अपहरण का शस्त्र और सेना के बल से लेजाने के प्रयत्न की विफलता  और महर्षि वसिष्ठ के अहिंसक शक्ति का आख्यान सर्व विदित है !इस प्रकार के सहस्त्रों आख्यान अहिंसक शक्ति की श्रेष्ठता के भारतीय धर्म ग्रंथों में विदयमान है !गांधीजी ने इसी अहिंसक शक्ति का प्रयोग भारत की आजादी के लिए किया था ! अहिंसक व्यक्ति सच्चे शूरमा की तरह अपने शरीर को ध्येय के लिए बलिदान कर देता है !गांधीजी की अहिंसक शक्ति का ही प्रभाव था ! जिसके कारण हिंसक आंदोलनों में शक्रिय क्रांतिकारी भी अपनी हिंसक जीवन पद्धति को त्याग कर अहिंसक हो गए थे !इस प्रकार के अनेक उदाहरण भारत के स्वतंत्रता संग्राम पढ़ने से मिल जाएंगे !एक प्रमुख उदाहरण सावरकर का है जिन्होंने तत्कालीन ब्रिटिश हुकूमत को लिखकर दिया था कि उन्होंने हिंसक गतिविधियों का त्याग कर दिया है !और अब बे मानते हैं कि ब्रिटिश शाशन ही भारत के लिए अच्छा है !इसके बाद भी हुकूमत ने उनको जेल से रिहा नहीं किया था !तब गांधीजी के सहयोग से ही उनकी रिहाई हुई थी !गांधीजी कायरता को सबसे बड़ा पाप मानते थे !और कायरता के स्थान पर बे  किसी भी हिंसक कार्यबाही को उचित मानते थे !आजादी की लड़ाई का सारा भार गांधीजी के कन्धों पर था !१९४७ में सत्ता के हस्तांतरण के समय देश में सिर्फ मुसलिम लीग ,कांग्रेस और ब्रिटिश हुकूमत ही थी ! कांग्रेस मुक्त भारत का नारा देने वाले हो सकता है भारत को कोंग्रेसियों से मुक्त कराने में कुछ समय के लिए सफल हो जाएँ ! किन्तु बे कभी भी कांग्रेस की नीतियों से भारत को मुक्त कराने में सफल नहीं हो सकते हैं !

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