Friday, 29 July 2016

आवश्यकता है उनकी जो संपूर्ण और समग्र भारत की बात करें --------- १९३१ में राउंड टेबल कांफ्रेंस में तत्कालीन ब्रिटिश हुकूमत ने ११२ प्रितिनिधि कांफ्रेंस में शामिल होने के लिए नामांकित किये थे !उसमें दलितों के प्रितिनिधि  अम्बेडकर थे ,मुसलमानो के प्रितिनिधि प्रिंस आगा खां जिन्ना ,अल्लामा इकबाल और शफ़ाक़ अहमद थे ,हिंदुओं के प्रितिनिधि पंडित मदन मोहन मालवीय आदि थे ,इसके अलावा सिखों ,राजाओं ,और अंग्रेजों आदि के प्रितिनिधि भी थे !गांधीजी ने इस कांफ्रेंस में शामिल होने से  मना कर दिया था ! क्योंकि गाँधी जी जानते थे की  इस कॉन्फेरेबस से कोई हल निकलने वाला नहीं है ! जब गांधीजी कांफ्रेंस में शिरकत करने नहीं गए थे 1 तो  तत्कालीन ब्रिटिशप्रधान  मंत्री मेक्डोनाल्ड ने वाइस राय लार्ड इर्विन से कहा था कि वह कांग्रेस से कहे कि वह गांधीजी से अनुनय विनय करे ताकि  बे कांफ्रेंस में शामिल हों !क्योंकि  उनकी अनुपस्थिति में इस कांफ्रेंस का कोई अर्थ नहीं है !क्योंकि इस कांफ्रेंस में सभी वर्गों के प्रितिनिधि है !किन्तु जो समग्र और संपूर्ण भारत के प्रितिनिधि महात्मा  गाँधी हैं !यदि बे इस कांफ्रेंस में नहीं होंगे तो संपूर्ण भारत का प्रितिनिधित्त्व नहीं होगा !तब गांधीजी को  कांग्रेस ने सम्पूर्ण अधिकार देकर  लन्दन भेजा था !उस कांफ्रेंस में भारत की स्वतंत्रता के मार्ग में दलित प्रितिनिधि अम्बेडकर ने यह कहकर बाधा उपसिथित की थी कि जब तक दलितों की समस्या का समाधान नहीं हो जाता है !तब तक भारत की स्वतंत्रता के लिए संभावित संविधान का निर्माण नहीं किया जा सकता है और न ही भारत को आजाद किया जा सकता है !जिन्ना अदि ने भी मुसलमानों की समस्याओं के समाधान के बिना आजादी का विरोध किया था !इसी प्रकार राजाओं ,सिखों आदि ने भी आजादी की खिलाफत की थी !गांधीजी यह जानते थे इसीलिए बे कांफ्रेंस में जाने के लिए तैयार नहीं थे !जब उन्हें मजबूरन जाना ही पड़ा था !तब उन्होंने अपने भाषण में कहा था --------- कि अंग्रेजी हुकूमत हिंदुस्तान में  स्थापित होने के पूर्व भी ये सभी समस्याएं थी !आपने हमें ६००० मील से इन समस्यायों के समाधान के लिए हमें नहीं बुलायाहै !आप ने स्वतंत्रता देने के लिए आमंत्रित किया था !और हम अपना जरूरी काम काज छोड़ कर यहाँ आये हैं !आप की हुकूमत हिंदुस्तान में शैतानी हुकूमत है !आप हिंदुस्तान को इसी हालात में छोड़ कर चले जाईये !हम इन समस्यायों का समाधान स्वयं कर लेंगे !
                               आज देश में वही द्रश्य फिर उपस्थित हो गया है जो १९३१ में था !सोशल मीडिया पर मोदी भक्त मुस्लिम भक्त ,दलित भक्त , आदि दिखाई देते हैं !ये सब भारत की अब तक हुई प्रगीति को नकारते दिखाई देते हैं !इनकी भूमिका चूहों की तरह भारत को कुतर ,कुतर कर खाने की दिखाई दे रही है !ये सब ऐसा प्रदर्शन करते दिखाई देते हैं कि मोदी के आने के पहले देश में बर्बादी के अलावा कुछ हुआ ही नहीं है !अब मोदी का अवतार देश के निर्माण के लिए हुआ है !और अभी बे कांग्रेसी कुशाशन का कूड़ा करकट हटा रहे हैं ! और गड्ढे   भर रहे हैं !विदेशों की यात्रा से भारत का सम्मान बढ़ रहा है ! मुसलमान भारत में मुसलमानो की उपेक्छा का नारा बुलंद कर रहे हैं !शुक्रवार की नवाज के बाद अल्लाह ताला से उनको दंगा फसाद करने की इजाजत मिल जाती है !ईद की नवाज के बाद भी बे तेजी से तोड़ फोड़ करते हैं !मुहम्मद साहब काजन्म दिन बे तलवारें फहरा कर मनाते हैं ! दलितों से छुआ छूत अब भी हो रहा है !उनके साथ अत्याचार हो रहे हैं ! इन अंधों को दलितों की समृद्धि नहीं दिखाई देती है !और ना ही मायावती की अकूत धन संपत्ति दिखाई देती है !हिंदुस्तान  की तत्कालीन प्रधान मंत्री की नाक पर पत्थर मार कर बिहार में लोहू लुहान कर दिया था !किन्तु इंदिरा जीने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी !किन्तु मायावती के खिलाफ एक व्यक्ति ने अभद्र टिप्पड़ी कर दी तो संसद से लेकर सड़क तक विवाद छिड़ गया !उस व्यक्ति के विरुद्ध मुकद्दमा लिख लिया गया !और अब वह गिरफ्तार भी हो गया है !किन्तु उसव्यक्ति की  पत्नी और बेटी को पेश करने की बात कहने वाले नशीमुद्दीन की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है !और ना ही उन मायावती के अंध भक्तों के विरुद्ध कार्य बाही  हुई है !जिन्होंने अत्यंत गंदी गलियां उसकी पत्नी और बेटी को दी हैं !कुछ लोग पिछड़ों और अति पिछड़ों के मामले उठाते रहते हैं !कुछ महिला उत्पीडन का ही राग अलापते रहते हैं !कुछ रिश्वत खोरी और कोमोसन लेने में व्यस्त हैं ! कुछ सवर्णो पर आरक्छण सेहोने वाले अन्याय की बातें जोर शोर से उठाते रहते हैं !कुछ को न्यायव्यबस्था से परेशानी है !कुलमिलाकर समग्र और संपूर्ण भारत को समायोजित कर भारत में आजतक हुई प्रगति और अवनति का समग्र चित्र प्रस्तुत करा समस्यायों के समाधान का चित्र प्रस्तुत करने की ओर किसी का ध्यान नहीं है !और अगर कुछ गाँधी वादियों के पास यह समाधान है भी तो बे भारत में प्रकाशित नहीं है !कुछ लोग हैं जो समग्र और संपूर्ण भारत के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं !किन्तु बे इन स्वार्थनिष्ठ व्यक्तियों के सभी छेत्रों में काबिज होने के कारण समाज की दृष्टि और समझ से दूर हो गए हैं !आज फिर से समग्र भारत की बात और उसके लिए कार्य करने वालों की महती आवश्यकता है !और इन अंधभक्तों से मुक्ति की कामना भारत को है !ये भारत का खाते हैं और भारत को भी खाते हैं !

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